भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह अब टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों को कम प्राथमिकता देंगे और अगले 18 महीनों में वनडे (50 ओवर) फॉर्मेट पर ज्यादा फोकस करेंगे। यह रणनीति 2027 वनडे विश्व कप (भारत-पाकिस्तान सह-मेजबानी) की तैयारी को ध्यान में रखकर बनाई गई है। BCCI, टीम मैनेजमेंट और चयन समिति ने बुमराह के वर्कलोड को सावधानी से मैनेज करने का फैसला किया है ताकि वे चोटों से बचें और मेगा इवेंट में पीक फॉर्म में रहें। हाल ही में 2026 टी20 विश्व कप में उनकी शानदार परफॉर्मेंस (फाइनल में प्लेयर ऑफ द मैच) के बाद यह प्लान तैयार किया गया है। बुमराह टी20 बाइलेटरल सीरीज को ज्यादातर स्किप कर सकते हैं जबकि वनडे में 30-35 मैच खेलने की संभावना है।
BCCI की रणनीति और वर्कलोड मैनेजमेंट
BCCI सूत्रों के अनुसार बुमराह का वर्कलोड 2023-2026 विश्व टेस्ट चैंपियनशिप साइकिल की तरह मैनेज किया जाएगा जहां फोकस लंबे फॉर्मेट पर था। अब 2027 वनडे विश्व कप को लक्ष्य बनाकर टी20 को कम प्राथमिकता दी जा रही है। अगले 18 महीनों में टी20 बाइलेटरल सीरीज (जैसे ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड या अन्य के खिलाफ) में बुमराह की भागीदारी सीमित रहेगी। एशियन गेम्स (2026) में भी वे टी20 टीम का हिस्सा नहीं होंगे जहां सूर्यकुमार यादव लीडरशिप करेंगे। BCCI का कहना है कि एक तेज गेंदबाज के लिए 30-35 वनडे मैच ही काफी हैं और इससे ज्यादा खेलने से चोट का खतरा बढ़ता है। टीम मैनेजमेंट, सिलेक्शन कमिटी, NCA (सेंटर ऑफ एक्सीलेंस) और कोच गौतम गंभीर मिलकर ब्लूप्रिंट तैयार कर रहे हैं।
2027 वनडे विश्व कप पर फोकस
2027 ODI विश्व कप भारत और पाकिस्तान में होने वाला है जिसमें बुमराह को भारत की पेस अटैक का लीडर बनाया जाएगा। BCCI का मानना है कि वनडे फॉर्मेट में उनकी स्विंग, यॉर्कर और डेथ ओवर स्किल्स टीम को चैंपियन बनाने में निर्णायक साबित होंगी। हाल के टी20 विश्व कप में उनकी सफलता (40 विकेट से अधिक, तेज गेंदबाजों में सबसे ज्यादा) के बाद टीम उन्हें 50 ओवर फॉर्मेट में ज्यादा इस्तेमाल करना चाहती है। बुमराह ने भी 2028 ओलंपिक्स (क्रिकेट शामिल होने पर) में खेलने की इच्छा जताई है लेकिन मुख्य फोकस 2027 पर रहेगा। यह प्लान उनकी फिटनेस और लंबी उम्र सुनिश्चित करने के लिए है।
प्रभाव और टीम बैलेंस
इस रणनीति से भारत की टी20 टीम में मोहम्मद सिराज, अर्शदीप सिंह या अन्य युवा तेज गेंदबाजों को ज्यादा मौके मिलेंगे। वनडे में बुमराह के साथ मोहम्मद शमी (फिटनेस पर निर्भर), कुलदीप यादव और स्पिनर्स का कॉम्बिनेशन मजबूत होगा। BCCI ने कहा कि IPL 2026 के बाद यह प्लान फाइनल होगा और खिलाड़ी की सहमति से लागू किया जाएगा। बुमराह की चोट इतिहास को देखते हुए यह फैसला समझदारी भरा माना जा रहा है।
INPUT-ANANYA MISHAR
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