नोएडा (Noida) में उत्तर प्रदेश जीएसटी विभाग (GST Department) की विशेष अनुसंधान शाखा ने करीब 10 करोड़ रुपये की बड़ी जीएसटी चोरी का मामला उजागर किया है। जांच में सामने आया कि मोबाइल फोन के निर्यात के नाम पर फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) दिखाकर रिफंड का दावा किया गया। बिना किसी वास्तविक व्यापारिक गतिविधि के चार फर्मों ने इस पूरी धोखाधड़ी को अंजाम दिया।
फर्जी फर्मों के जरिए लिया गया रिफंड
प्रारंभिक जांच में पता चला है कि चारों फर्मों ने कागजों पर मोबाइल फोन निर्यात दिखाकर आईटीसी पास कराया और फिर जीएसटी रिफंड क्लेम कर लिया। हैरानी की बात यह है कि सभी फर्मों द्वारा लिया गया रिफंड एक ही बैंक खाते में ट्रांसफर किया गया। अधिकारियों के अनुसार इन फर्मों के संचालकों के संबंध बिजनौर, बलरामपुर और गाजियाबाद से जुड़े बताए जा रहे हैं।
हवाला के जरिए दुबई पहुंचा पैसा
जांच में यह भी सामने आया कि रिफंड की राशि को बाद में तीसरे पक्ष के खाते के माध्यम से दुबई स्थित एक विदेशी खाते में ट्रांसफर कर दिया गया। इस लेन-देन में हवाला नेटवर्क की आशंका भी जताई जा रही है। अपर आयुक्त राज्यकर नोएडा जोन संदीप भागिया के अनुसार इस एंगल से भी मामले की गहराई से जांच की जा रही है।
संगठित गिरोह की आशंका, जांच तेज
जांच में कई चौंकाने वाली समानताएं सामने आई हैं। सभी फर्मों के रेंट एग्रीमेंट एक ही स्थान से बनाए गए, नकद ट्रांजैक्शन भी एक ही जगह और एक ही मशीन से हुए, जबकि गवाह के रूप में भी एक ही व्यक्ति का नाम सामने आया। इन तथ्यों से संगठित गिरोह की भूमिका की आशंका मजबूत हुई है। फिलहाल जीएसटी विभाग की टीमें फर्मों से जुड़ी पूरी जानकारी जुटा रही हैं और जल्द ही आरोपितों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किए जाने की तैयारी है।
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