Noida Labour Protest: नोएडा के सेक्टर-80 में मजदूरों ने एक बार फिर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। सोमवार को हुई हिंसा के बाद पुलिस पहले से सतर्क थी और मौके पर तुरंत कार्रवाई करते हुए उपद्रवियों को खदेड़ दिया। इस दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों द्वारा पत्थरबाजी भी की गई। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है और इलाके में भारी पुलिस बल तैनात है, जबकि कुछ लोगों को हिरासत में लिया गया है।
हिंसा के बाद सरकार का बड़ा फैसला
प्रदर्शन और बढ़ते तनाव के बीच उत्तर प्रदेश सरकार ने देर रात न्यूनतम मजदूरी में बढ़ोतरी का ऐलान किया। यह निर्णय श्रमिकों की मांगों और हालात को देखते हुए लिया गया। सरकार के अनुसार, संशोधित वेतन दरें 1 अप्रैल से पूर्वव्यापी प्रभाव से लागू होंगी, जिससे मजदूरों को सीधा लाभ मिलेगा।
नोएडा-गाजियाबाद के लिए नई मजदूरी दरें
गाजियाबाद और नोएडा में अकुशल श्रमिकों का मासिक वेतन 11,313 रुपये से बढ़ाकर 13,690 रुपये कर दिया गया है। वहीं अर्ध-कुशल श्रमिकों को अब 15,059 रुपये और कुशल श्रमिकों को 16,868 रुपये प्रति माह मिलेंगे। अन्य नगर निगम क्षेत्रों और जिलों के लिए भी अलग-अलग श्रेणियों में मजदूरी दरों में वृद्धि की गई है।
प्रदर्शन की वजह और सरकार की पहल
यह कदम उस श्रमिक आंदोलन के बाद उठाया गया, जिसमें हजारों फैक्ट्री मजदूरों ने बेहतर वेतन और कामकाजी परिस्थितियों की मांग की थी। कुछ इलाकों में प्रदर्शन हिंसक हो गया था, जिसके बाद प्रशासन ने श्रमिकों और उद्योगों के बीच संवाद के लिए एक समिति गठित की। यह समिति औद्योगिक विवादों को सुलझाने और श्रमिकों की समस्याओं का समाधान खोजने का काम कर रही है।
फर्जी खबरों पर सरकार की सफाई
सरकार ने सोशल मीडिया पर फैल रही 20,000 रुपये न्यूनतम वेतन वाली खबरों को पूरी तरह भ्रामक बताया है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि राष्ट्रीय स्तर पर “फ्लोर वेज” तय करने की प्रक्रिया अभी जारी है और ऐसी कोई अधिसूचना जारी नहीं हुई है। साथ ही, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नियोक्ताओं से समय पर वेतन भुगतान, सुरक्षित कार्यस्थल और श्रमिकों के लिए सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की है।
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