लखनऊ : उत्तर प्रदेश के ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने शक्ति भवन में बिजली विभाग के उच्च अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की। बैठक में स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाने को लेकर आ रही शिकायतों और तकनीकी समस्याओं पर विस्तृत चर्चा हुई।
मंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि स्मार्ट-प्रीपेड मीटर से जुड़े तकनीकी मुद्दों की जांच के लिए एक उच्च स्तरीय तकनीकी समिति गठित की जाए। समिति अपनी जांच पूरी करने तक किसी भी उपभोक्ता का पुराना मीटर स्मार्ट या प्रीपेड मीटर से नहीं बदला जाएगा। इस फैसले से हजारों उपभोक्ताओं को तत्काल राहत मिली है।
बैठक में प्रीपेड मीटर वाले उपभोक्ताओं के लिए कई बड़ी सुविधाएं घोषित की गईं। अब बैलेंस शून्य हो जाने पर भी बिजली की आपूर्ति तुरंत नहीं काटी जाएगी। उपभोक्ताओं को तीन दिन तक या दो किलोवाट तक के कनेक्शन पर 200 रुपये तक नेगेटिव बैलेंस होने तक बिजली सप्लाई जारी रहेगी।
इसके अलावा, रविवार तथा त्योहारों या अवकाश के दिनों में बिजली कटौती पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। बैलेंस कम होने पर उपभोक्ताओं को एसएमएस और कॉल के माध्यम से पहले से सूचना दी जाएगी, ताकि वे समय रहते रिचार्ज कर सकें।
ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि बिल जमा होते ही उपभोक्ता की बिजली तुरंत बहाल की जाए। पावर रिस्टोर करने में देरी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने 24×7 शिकायत निस्तारण टीम गठित करने और स्मार्ट मीटर से संबंधित सभी शिकायतों का जल्द समाधान सुनिश्चित करने का आदेश दिया।
बैठक में गर्मी के मौसम को देखते हुए निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया। मंत्री ने कहा कि उपभोक्ता हित सर्वोपरि है और बिजली विभाग की पूरी व्यवस्था को और अधिक मजबूत तथा पारदर्शी बनाया जाएगा।
यह बैठक हाल के दिनों में स्मार्ट प्रीपेड मीटर को लेकर बढ़ रही जनशिकायतों के बीच ऊर्जा विभाग की संवेदनशीलता को दर्शाती है। विभागीय अधिकारियों को सभी दिए गए निर्देशों का सख्ती से अनुपालन करने के लिए कहा गया है।













































