अखिलेश यादव और स्मृति ईरानी के बीच सियासी तकरार एक बार फिर सुर्खियों में है। स्मृति ईरानी द्वारा गोरखपुर से चुनाव लड़ने की चुनौती दिए जाने पर सपा प्रमुख ने चुटीले अंदाज़ में जवाब दिया। लखनऊ में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अखिलेश ने तंज कसते हुए कहा कि ‘हम कन्नौज का नाम ही गोरखपुर कर देंगे’ जिससे राजनीतक माहौल और गर्म हो गया।
गोरखपुर चुनौती पर सपा का पलटवार
दरअसल, हाल ही में स्मृति ईरानी ने अखिलेश यादव को उनके गढ़ से बाहर निकलकर चुनाव लड़ने की चुनौती दी थी। उन्होंने कहा था कि अगर उनमें दम है, तो वे अपनी पारंपरिक सीट छोड़कर गोरखपुर से जीत हासिल करके दिखाएं। इसके जवाब में अखिलेश ने व्यंग्यात्मक लहजे में प्रतिक्रिया दी, जिससे यह बयानबाज़ी अब राजनीतिक बहस का केंद्र बन गई है।
कन्नौज: सपा का मजबूत गढ़
कन्नौज लोकसभा सीट को समाजवादी पार्टी का मजबूत आधार माना जाता है। अखिलेश यादव यहां से कई बार जीत दर्ज कर चुके हैं और हालिया चुनाव में भी बड़े अंतर से विजयी रहे। यही वजह है कि इस सीट को लेकर सियासी चुनौती और बयानबाज़ी को खास महत्व दिया जा रहा है।
महिला आरक्षण और बीजेपी पर निशाना
प्रेस कॉन्फ्रेंस में अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने महिला आरक्षण बिल के मुद्दे पर बीजेपी की नीयत पर सवाल उठाते हुए इसे “बदनीयत की हार” करार दिया। उनका कहना था कि बीजेपी महिलाओं के अधिकारों को लेकर गंभीर नहीं है और 33% आरक्षण देने के मामले में भी ईमानदार प्रयास नहीं कर रही। साथ ही, उन्होंने विपक्षी दलों की एकजुटता की सराहना करते हुए दावा किया कि इसी एकता ने बीजेपी की रणनीति को विफल कर दिया।














































