गंगा एक्सप्रेसवे पर टोल दरें तय, मेरठ से प्रयागराज तक कार को चुकाने होंगे 1765 रुपये

लखनऊ। उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (UPEIDA) ने गंगा एक्सप्रेसवे पर टोल दरों की घोषणा कर दी है। 594 किलोमीटर लंबे इस हाई-स्पीड ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे पर हल्के वाहनों के लिए 2.55 रुपये प्रति किलोमीटर की दर तय की गई है। पूरे रूट की यात्रा करने वाली कार, जीप या वैन को कुल 1765 रुपये टोल देना पड़ेगा।

टोल राजस्व के बंटवारे के अनुसार, हल्के वाहनों से वसूले जाने वाले 1765 रुपये में से 1365 रुपये अदानी एंटरप्राइजेज को और 440 रुपये आईआरबी इंफ्रास्ट्रक्चर को मिलेंगे। गंगा एक्सप्रेसवे का बड़ा हिस्सा (लगभग 464 किमी) अदानी रोड ट्रांसपोर्ट लिमिटेड ने विकसित किया है, जबकि शेष हिस्से का विकास आईआरबी इंफ्रास्ट्रक्चर ने किया है।

दोपहिया वाहनों पर भी टोल

एक्सप्रेसवे पर केवल चार पहिया वाहनों को ही अनुमति नहीं है। दोपहिया वाहनों (मोटरसाइकिल, स्कूटर), तीनपहिया और पंजीकृत ट्रैक्टर चालकों को भी टोल देना होगा। इनके लिए प्रति किलोमीटर दर कम रखी गई है, लेकिन पूरे 594 किमी की यात्रा पर उन्हें भी निर्धारित राशि चुकानी पड़ेगी।

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क्यों इतना टोल?

गंगा एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश का सबसे लंबा एक्सप्रेसवे है, जो 12 जिलों से होकर गुजरता है। यह मेरठ से प्रयागराज के बीच की दूरी को महज 6-7 घंटे में तय करने की सुविधा देगा। उच्च गुणवत्ता वाली सड़क, बेहतर सुरक्षा और समय की बचत को देखते हुए टोल दरें तय की गई हैं। टोल संग्रह पूरी तरह FASTag आधारित और दूरी के अनुसार होगा।

अन्य वाहनों की दरें

– हल्के व्यावसायिक वाहन/मिनी बस: 4.05 रुपये प्रति किमी
– बस/ट्रक: 8.20 रुपये प्रति किमी
– भारी मल्टी-एक्सल वाहन (3-6 एक्सल): 12.60 रुपये प्रति किमी
– 7 या अधिक एक्सल वाले वाहन: 16.10 रुपये प्रति किमी

UPEIDA ने फाइनेंशियल ईयर 2026-27 के लिए ये दरें जारी की हैं। 24 घंटे के अंदर रिटर्न यात्रा करने वालों को रिटर्न टोल पर 20% की छूट भी मिल सकती है।

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एक्सप्रेसवे की खासियत

594 किलोमीटर लंबा यह एक्सप्रेसवे 6 लेन का है, जिसे आगे 8 लेन तक बढ़ाया जा सकता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा हाल ही में उद्घाटन किए गए इस प्रोजेक्ट से पूर्वी उत्तर प्रदेश की कनेक्टिविटी मजबूत होगी, लॉजिस्टिक्स लागत कम होगी और औद्योगिक विकास को बढ़ावा मिलेगा। एक्सप्रेसवे पर इमरजेंसी लैंडिंग फैसिलिटी, ट्रॉमा सेंटर और इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशन भी बनाए गए हैं।

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