BIG NEWS: शिक्षा मंत्री धर्मेद्र प्रधान का इस्तीफा, बोले- पिछले 10 दिनों के हालात देखकर मन बेहद दुखी

NEET-UG परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर उठे विवाद के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने प्रधानमंत्री को भेजे इस्तीफे में कहा कि छात्रों के भविष्य और देश की शिक्षा व्यवस्था की गरिमा को ध्यान में रखते हुए उन्होंने यह निर्णय लिया है। धर्मेंद्र प्रधान ने अपने कार्यकाल, NEET विवाद और युवाओं के हितों को लेकर अपनी बात रखी।

4 दशक से शिक्षा क्षेत्र से जुड़े रहने का किया जिक्र

धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पत्र में कहा कि वह पिछले चार दशकों से अधिक समय से छात्र, शिक्षक और शिक्षा सुधार के क्षेत्र से जुड़े रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनका हमेशा से मानना रहा है कि मजबूत, समावेशी और दूरदर्शी शिक्षा व्यवस्था ही एक मजबूत राष्ट्र की नींव होती है।उन्होंने युवाओं की आकांक्षाओं और उनकी अपेक्षाओं का सम्मान करते हुए कहा कि देश की युवा शक्ति भारत के भविष्य की सबसे बड़ी ताकत है।

NEET विवाद पर बोले- जिम्मेदारी से कभी पीछे नहीं हटा

NEET-UG परीक्षा में सामने आई अनियमितताओं का जिक्र करते हुए धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि सरकार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच सीबीआई को सौंपी और परीक्षा रद्द कर दोबारा आयोजन का फैसला लिया गया।उन्होंने बताया कि अगले वर्ष से NEET परीक्षा को कंप्यूटर आधारित टेस्ट (CBT) मोड में कराने का निर्णय भी लिया गया है।

20 लाख से ज्यादा छात्रों की परीक्षा कराना बड़ी चुनौती थी

पूर्व शिक्षा मंत्री ने कहा कि सबसे बड़ी प्राथमिकता 20 लाख से अधिक छात्रों की परीक्षा को सफलतापूर्वक आयोजित कराना थी। इसके लिए केंद्र सरकार, राज्य सरकारों और जिला प्रशासन ने मिलकर काम किया।उन्होंने कहा कि छात्रों और अभिभावकों के सहयोग से 21 जून को दोबारा परीक्षा शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुई।

“किसी छात्र के साथ अन्याय नहीं होने देंगे”

धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि NEET विवाद सामने आने के बाद उन्होंने पहले दिन से इसकी जिम्मेदारी ली और स्थिति से कभी पीछे नहीं हटे।उन्होंने कहा कि उनका प्रयास रहा कि परीक्षा माफिया की वजह से किसी भी प्रतिभाशाली छात्र का भविष्य प्रभावित न हो और किसी छात्र के साथ अन्याय न हो।

NEET रिजल्ट का भी किया जिक्र

उन्होंने कहा कि 16 जुलाई को घोषित NEET-UG परिणाम संतोषजनक रहे और इसमें गरीब एवं सामान्य पृष्ठभूमि से आने वाले कई छात्रों ने सफलता हासिल की।हालांकि, उन्होंने आरोप लगाया कि इस दौरान कुछ लोगों ने छात्रों को भ्रमित करने और स्थिति को बिगाड़ने की कोशिश की, जिससे उन्हें काफी दुख पहुंचा।

जंतर-मंतर प्रदर्शन और मौजूदा हालात पर जताई चिंता

धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि पिछले 10 दिनों के घटनाक्रम से उनका मन काफी दुखी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह फैसला व्यक्तिगत प्रतिष्ठा का मुद्दा नहीं है, बल्कि देश के छात्रों के हितों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।उन्होंने कहा कि देश की युवा शक्ति को भ्रम और गलत सूचनाओं के जाल में नहीं फंसने देना उनका संकल्प है।

प्रधानमंत्री को भेजा इस्तीफा

धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि जंतर-मंतर और देश के अन्य हिस्सों में बने हालात को देखते हुए उन्होंने अपना इस्तीफा प्रधानमंत्री को भेज दिया है।उन्होंने कहा कि वह नहीं चाहते कि देश का कोई भी छात्र कानूनी प्रक्रियाओं में उलझे और युवा अपना समय पढ़ाई व करियर बनाने में लगा सकें।

पीएम मोदी और मंत्रालय के अधिकारियों का जताया आभार

अपने इस्तीफे में धर्मेंद्र प्रधान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया।उन्होंने मंत्रिपरिषद के सहयोगियों, मंत्रालय के अधिकारियों और कर्मचारियों का भी धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्र सेवा उनके जीवन की सर्वोच्च प्राथमिकता रही है और आगे भी वह देश, ओडिशा की जनता और युवाओं के हितों के लिए समर्पित रहेंगे।

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