UP: जौनपुर में एक निजी कार्यक्रम में पहुंचे राष्ट्रीय लोकदल (आरएलडी) के राष्ट्रीय महासचिव एवं संसदीय बोर्ड के सदस्य अनिल दुबे का पार्टी कार्यकर्ताओं ने गर्मजोशी से स्वागत किया। जिलाध्यक्ष रघुनाथ यादव के नेतृत्व में शहर के एक रेस्टोरेंट में आयोजित कार्यक्रम में उन्हें माल्यार्पण कर सम्मानित किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
विधानसभा चुनाव की तैयारियों पर दिया जोर
मीडिया से बातचीत में अनिल दुबे ने कहा कि आरएलडी आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारियों में पूरी सक्रियता के साथ जुटी हुई है। उन्होंने बताया कि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जयंत चौधरी पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अब तक 10 बड़ी जनसभाओं को संबोधित कर चुके हैं, जिनमें भारी जनसमर्थन देखने को मिला। उन्होंने भरोसा जताया कि पार्टी चुनाव में बेहतर प्रदर्शन करेगी।
Also Read: यूपी-112 और फायर ब्रिगेड ने झोंकी पूरी ताकत, मगर अंधे कुएं से जिंदा नहीं निकल सकी गाय
एनडीए के साथ मिलकर लड़ेगी चुनाव
सीटों के बंटवारे को लेकर पूछे गए सवाल पर अनिल दुबे ने स्पष्ट किया कि आरएलडी फिलहाल एनडीए का हिस्सा है और गठबंधन प्रदेश की सभी 403 विधानसभा सीटों पर चुनाव मैदान में उतरेगा। उन्होंने कहा कि जिन सीटों पर आरएलडी उम्मीदवार उतारेगी, वहां पार्टी पूरी मजबूती से चुनाव लड़कर जीत हासिल करने का प्रयास करेगी और एनडीए सरकार बनाने में अहम भूमिका निभाएगी। साथ ही उन्होंने कहा कि पूर्वांचल में संगठन को और मजबूत करने के लिए राष्ट्रीय नेतृत्व से चर्चा कर अधिक सीटों पर दावेदारी पेश की जाएगी।
जाति-धर्म नहीं, विकास और किसान हैं प्राथमिकता
एआईएमआईएम नेता वारिस पठान के वंदे मातरम् संबंधी बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए अनिल दुबे ने कहा कि उन्हें इस बयान की जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि आरएलडी की राजनीति जाति और धर्म के आधार पर नहीं, बल्कि किसानों, युवाओं और विकास के मुद्दों पर केंद्रित है। उन्होंने दावा किया कि पार्टी ने हमेशा गन्ना किसानों के हितों की आवाज उठाई है और सरकार से बातचीत कर गन्ने का समर्थन मूल्य बढ़ाने तथा किसानों के बकाया भुगतान सुनिश्चित कराने में भूमिका निभाई है।
Also Read: UP: 7 साल पुराने आर्म्स एक्ट मामले में कोर्ट का फैसला, अवैध असलहा रखने पर आरोपी को सजा
विपक्ष पर साधा निशाना
समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर निशाना साधते हुए अनिल दुबे ने कहा कि चुनाव के समय हर दल अपनी जीत का दावा करता है, लेकिन अंतिम फैसला जनता करती है। उनका आरोप था कि 2024 के लोकसभा चुनाव में संविधान खतरे में होने का भ्रम फैलाया गया था, जिसे अब जनता समझ चुकी है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह को भारत रत्न दिए जाने का फैसला किसानों और देशवासियों ने सराहा है।

















































