चंदौली: मुगलसराय बार एसोसिएशन की असाधारण सामान्य सभा गुरुवार को वरिष्ठ उपाध्यक्ष श्यामलाल सोनकर की अध्यक्षता में आयोजित हुई. बैठक में तहसील प्रशासन की कार्यप्रणाली पर अधिवक्ताओं ने गहरा असंतोष व्यक्त करते हुए राजस्व एवं जनहित से जुड़े विभिन्न मामलों में लापरवाही का आरोप लगाया. अधिवक्ताओं ने कहा कि बार-बार शिकायत करने और ज्ञापन देने के बावजूद समस्याओं का समाधान नहीं किया जा रहा है.
सभा में अधिवक्ताओं ने बताया कि तहसील क्षेत्र के अधिकांश गांवों का खतौनी एवं अभिलेख संबंधी कार्य अब तक अधूरा है. लेखपालों द्वारा ऑनलाइन अंश निर्धारण में लगातार त्रुटियां की जा रही हैं, जिससे आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. वहीं सामान्य नामांतरण वादों के निस्तारण में भी अनावश्यक विलंब हो रहा है. अधिवक्ताओं ने आरोप लगाया कि धारा-38 की पत्रावलियों का गुण-दोष के आधार पर समयबद्ध निस्तारण नहीं किया जा रहा है.
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बैठक में तहसील परिसर की बदहाल व्यवस्थाओं का भी मुद्दा उठाया गया। अधिवक्ताओं ने कहा कि परिसर की सड़कें पूरी तरह जर्जर हो चुकी हैं, जिससे आवागमन में कठिनाई होती है. शौचालयों में दरवाजे तक नहीं हैं और पीने के पानी की व्यवस्था भी बदहाल है. परिसर में लगाए गए वाटर फिल्टर की समय-समय पर सफाई नहीं होने से अधिवक्ताओं और वादकारियों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध नहीं हो पा रहा है. इसके अलावा बरसात के दौरान जलभराव की समस्या तथा नई तहसील भवन के लिए भूमि क्रय में हो रही देरी पर भी नाराजगी जताई गई.
बार एसोसिएशन ने बताया कि इन सभी समस्याओं को लेकर 18 जुलाई 2026 को तहसील दिवस में ज्ञापन सौंपा गया था, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई. अधिवक्ताओं का आरोप है कि अधिकारी जनसमस्याओं के समाधान के बजाय कार्यालयों के सौंदर्यीकरण में अधिक रुचि ले रहे हैं. प्रशासन की उदासीनता के विरोध में मुगलसराय बार एसोसिएशन ने सामूहिक रूप से न्यायिक कार्य से विरत रहने का निर्णय लिया. बैठक का संचालन महामंत्री शिव कुमार एडवोकेट ने किया तथा पारित प्रस्ताव की प्रति सभी न्यायालयों को सूचनार्थ भेजने का निर्णय लिया गया.

















































