UP: श्रावण मास और कांवड़ यात्रा के मद्देनजर सुल्तानपुर जिला प्रशासन ने सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर व्यापक तैयारियां पूरी कर ली हैं। शासन के निर्देशों के अनुसार जिले के प्रमुख शिव मंदिरों, गंगा घाटों, कांवड़ मार्गों, रेलवे स्टेशन, बस अड्डों तथा अन्य संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया जाएगा। प्रशासन का उद्देश्य श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुगम यात्रा उपलब्ध कराना है, ताकि धार्मिक आयोजनों के दौरान किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो।
यातायात रहेगा व्यवस्थित, लागू होगा रूट डायवर्जन
श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए विशेष ट्रैफिक प्लान तैयार किया गया है। जरूरत के अनुसार विभिन्न मार्गों पर रूट डायवर्जन लागू किया जाएगा, जिससे आम लोगों और कांवड़ यात्रियों दोनों को कम से कम परेशानी का सामना करना पड़े। पुलिस और यातायात विभाग संयुक्त रूप से पूरे मार्ग की निगरानी करेंगे।
बुनियादी सुविधाओं और भीड़ प्रबंधन पर विशेष ध्यान
प्रशासन ने विद्युत सुरक्षा, स्वच्छता, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था और भीड़ नियंत्रण जैसी व्यवस्थाओं को लेकर संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित किया है। सभी प्रमुख धार्मिक स्थलों पर आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो और आयोजन व्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सके।
अफवाहों पर नजर, धर्मगुरुओं से लगातार संवाद
श्रावण मास के दौरान सोशल मीडिया और मीडिया प्लेटफॉर्म की विशेष निगरानी की जाएगी। किसी भी भ्रामक सूचना या अफवाह पर तत्काल कार्रवाई के लिए मॉनिटरिंग टीम सक्रिय रहेगी। इसके अलावा मंदिर प्रबंधन समितियों, धर्मगुरुओं और कांवड़ यात्रा आयोजकों के साथ लगातार संवाद बनाकर शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल बनाए रखने की रणनीति अपनाई गई है।
एसपी चारू निगम ने श्रद्धालुओं से की सहयोग की अपील
पुलिस अधीक्षक चारू निगम ने बताया कि श्रावण मास के प्रत्येक सोमवार और विशेष अवसरों के साथ शनिवार को भी अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती रहेगी। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। साथ ही आमजन से अपील की कि प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें, यातायात नियमों का सम्मान करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि या आपात स्थिति की जानकारी तत्काल पुलिस को दें, ताकि श्रावण मास और कांवड़ यात्रा शांतिपूर्ण एवं सुरक्षित वातावरण में संपन्न हो सके।

















































