वाराणसी: लगातार हो रही बारिश और ऊपरी क्षेत्रों से पानी छोड़े जाने के कारण गंगा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। गुरुवार को नदी का जलस्तर 61.84 मीटर रिकॉर्ड किया गया, जबकि इसमें लगभग 2 सेंटीमीटर प्रति घंटे की दर से वृद्धि दर्ज की जा रही है। हालात को देखते हुए प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है और बाढ़ जैसी परिस्थितियों से निपटने के लिए सभी संबंधित विभागों को अलर्ट पर रखा गया है।
नाव संचालन पर तत्काल रोक, सुरक्षा को प्राथमिकता
बढ़ते जलस्तर के मद्देनजर जिला प्रशासन ने गंगा में सभी प्रकार की नावों के संचालन पर अगले आदेश तक रोक लगा दी है। जल पुलिस ने नाविकों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि कोई भी नाव नदी में न उतारी जाए। अधिकारियों का कहना है कि श्रद्धालुओं, पर्यटकों और स्थानीय लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है।
घाटों और मंदिरों तक पहुंचा गंगा का पानी
गंगा का बढ़ता जलस्तर अब शहर के प्रमुख घाटों पर भी असर दिखाने लगा है। कई घाटों की निचली सीढ़ियां पानी में समा गई हैं, जबकि नदी किनारे स्थित छोटे मंदिरों के निचले हिस्सों में भी पानी प्रवेश कर चुका है। प्रशासन ने घाटों पर आने वाले लोगों से अतिरिक्त सावधानी बरतने और नदी के किनारे अनावश्यक रूप से जाने से बचने की अपील की है।
एनडीआरएफ और जल पुलिस की लगातार निगरानी
संभावित आपात स्थिति से निपटने के लिए एनडीआरएफ, जल पुलिस और स्थानीय प्रशासन की टीमें लगातार गंगा तट पर निगरानी बनाए हुए हैं। संवेदनशील घाटों और तटवर्ती इलाकों में गश्त बढ़ा दी गई है। साथ ही पुलिस बल की तैनाती कर लाउडस्पीकर के जरिए लोगों को सुरक्षा संबंधी दिशा-निर्देश लगातार दिए जा रहे हैं।
Also Read: गंगा में नाव पर इफ्तार पार्टी और नॉनवेज…वाराणसी में मुस्लिम युवकों पर FIR
हर घंटे हो रही मॉनिटरिंग, राहत एजेंसियां अलर्ट
जिला प्रशासन के अनुसार गंगा के जलस्तर की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है। यदि नदी का जलस्तर इसी रफ्तार से बढ़ता रहा तो निचले इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षा और राहत संबंधी इंतजाम लागू किए जाएंगे। सभी राहत एवं बचाव एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रखा गया है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
















































