जसवंतनगर : इटावा-आगरा राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-2) पर स्थित जसवंतनगर का आगरा मोड़ पिछले लगभग छह महीने से अधूरे निर्माण कार्य के कारण लोगों के लिए मुसीबत का सबब बना हुआ है। बरसात के चलते निर्माणाधीन हिस्से की मिट्टी कई स्थानों पर धंस चुकी है, जिससे सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं। हर दिन हजारों छोटे-बड़े वाहन इस मार्ग से गुजरते हैं, लेकिन अधूरे निर्माण और सुरक्षा इंतजामों की कमी के कारण यहां हर पल किसी बड़े हादसे की आशंका बनी हुई है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि निर्माण कार्य लंबे समय से ठप पड़ा है। सड़क संकरी होने और मिट्टी धंस जाने के कारण वाहन चालक मजबूरी में रॉन्ग साइड से निकल रहे हैं। इससे आमने-सामने की टक्कर का खतरा कई गुना बढ़ गया है। खासकर सुबह और दोपहर के समय, जब स्कूलों की छुट्टी होती है, बड़ी संख्या में स्कूली बच्चे, अभिभावक और राहगीर इसी रास्ते से गुजरते हैं। ऐसे में एक छोटी सी लापरवाही भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है।
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सबसे गंभीर बात यह है कि निर्माण स्थल पर रात के समय सुरक्षा के लिए न तो पर्याप्त रेडियम रिफ्लेक्टर लगाए गए हैं और न ही कोई प्रभावी चेतावनी बोर्ड या बैरिकेडिंग की गई है। अंधेरे में तेज रफ्तार वाहन चालकों को सड़क की वास्तविक स्थिति का अंदाजा नहीं लग पाता, जिससे दुर्घटना का खतरा और बढ़ जाता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार वाहन गड्ढों में उतरने से बाल-बाल बचे हैं।
क्षेत्रवासियों ने यह भी बताया कि सड़क किनारे बने गहरे कटाव और धंसी मिट्टी के कारण गोवंश और राहगीरों के गिरने का भी खतरा बना रहता है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते निर्माण कार्य पूरा नहीं कराया गया और सुरक्षा मानको का पालन नहीं किया गया, तो किसी भी दिन बड़ा सड़क हादसा हो सकता है, जिसकी जिम्मेदारी संबंधित विभाग और निर्माण एजेंसी की होगी।
ग्रामीणों और स्थानीय व्यापारियों ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) तथा संबंधित अधिकारियों से मांग की है कि आगरा मोड़ पर अधूरा निर्माण कार्य तत्काल पूरा कराया जाए। साथ ही रेडियम संकेतक, चेतावनी बोर्ड, बैरिकेडिंग और रात्रिकालीन सुरक्षा के इंतजाम किए जाएं।
















































