उत्तर प्रदेश परिवहन विभाग ने कुंभ में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मुफ्त शटल बस चलाने का फैसला किया है. कुंभ स्थल से लगभग 20 किलोमीटर के दायरे में ठहरने वाले तीर्थयात्रियों को मुफ्त में शटल बस के जरिए संगम तट तक पहुंचाया जाएगा.
यह जानकारी मंगलवार को लखनऊ में एक वरिष्ठ अधिकारी ने दी. परिवहन निगम ने श्रद्धालुओं को मुफ्त बस सुविधा दिए जाने का प्रस्ताव शासन को भेजा है. अधिकारियों को पूरा भरोसा है कि संत मुख्यमंत्री इस प्रस्ताव को मंजूर करने में देर नहीं लगाएंगे.
इलाहाबाद में कुंभ मेला अगले वर्ष 15 जनवरी से शुरू होने जा रहा है. अधिकारियों ने बताया कि कुंभ 2019 के दौरान विभिन्न प्रांतों से आने वाली बसों को आयोजन स्थल से काफी पहले ही रोक दिया जाएगा. वहां से शटल बस सेवा के माध्यम से श्रद्धालुओं को आयोजन स्थल तक पहुंचाया जाएगा.
इसके लिए परिवहन निगम सात जगहों पर अस्थायी बसअड्डे बनाने की योजना तैयार कर रहा है. इनमें झूंसी, केपी कॉलेज, फाफामऊ, संत निरंकारी कैंपस अंडावा, विल दुर्जनपुर सासो रोड, ओमेक्स सिटी, अरैल और ऑफिसर्स कैम्प परेड ग्राउंड शामिल हैं.
इन जगहों से परिवहन निगम में शामिल होने वाली नई बसों को शटल बस सेवा के रूप में चलाया जाएगा. शटल बस सेवा के बेड़े में 650 साधारण, 250 सीएनजी और 100 नई एसी बसें शामिल की जाएंगी. कुंभ मेला समाप्ति के बाद इन बसों को प्रदेश के विभिन्न बस डिपो से संबद्द कर संचालित कराया जाएगा.
उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम के प्रबंध निदेशक पी. गुरु प्रसाद ने बताया कि कुंभ मेले के दौरान संचालित होने वाली रोडवेज बसों की शटल बस सेवा में श्रद्धालुओं से किसी तरह का शुल्क नहीं लिया जाएगा. इस संबंध में एक प्रस्ताव शासन को भेजा गया है. प्रबंध निदेशक ने बताया कि अन्य वाहनों को मेला क्षेत्र में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी. इससे भीड़ को नियंत्रित करने में आसानी होगी और कुंभ स्थल तक पहुंचने में स्थानीय लोगों को भी सुविधा होगी.













































