Varanasi Cough Syrup Scam: प्रतिबंधित कोडीन कफ सिरप तस्करी में पकड़े गए यूपी के कुख्यात नेटवर्क का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। एसटीएफ की जांच में सिंडिकेट के किंगपिन शुभम जायसवाल (Subham Jaiswal) और उसके साझेदार अमित सिंह ‘टाटा’ (Amit Tata) के बाहुबली पूर्व सांसद धनंजय सिंह (Dhananjay Singh) से करीबी संबंध उजागर हुए हैं। वही सोशल मीडिया धनंजय सिंह के साथ तस्वीरें व वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं।
विदेश यात्राओं और हवाला लेन-देन का नेटवर्क
जांच एजेंसियों को यह भी जानकारी मिली है कि शुभम और अमित हर साल दुबई और पटाया की यात्राएं करते थे। करोड़ों रुपये का लेन-देन हवाला के माध्यम से किया जाता था।
9777 नंबर की फॉर्च्यूनर से बढ़े सवाल
एसटीएफ को अमित से बरामद फॉर्च्यूनर (नंबर 9777) ने भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं। 9777 वही नंबर है जो धनंजय सिंह की सभी गाड़ियों पर मिलता है, जिससे अमित और धनंजय के घनिष्ठ संबंधों की पुष्टि होती है। यह गाड़ी अमित की पत्नी साक्षी सिंह के नाम दर्ज है और अक्सर धनंजय सिंह के काफिले में शामिल रहती थी। इसी तरह, शुभम जायसवाल की धनंजय सिंह के साथ तस्वीरें भी सामने आ चुकी हैं। वहीं पूर्व सांसद धनंजय सिंह की कई तस्वीरे अमित टाटा के साथ वायरल है।
पंचायत चुनाव की तैयारी कर रहा था अमित टाटा
पूछताछ में अमित सिंह ‘टाटा’ ने माना कि धनबाद की देव कृपा मेडिकल एजेंसी और वाराणसी की श्री मेडिकल उसके नाम पर थीं, लेकिन पूरा संचालन शुभम जायसवाल और उसकी टीम संभालती थी। यह गिरोह झारखंड से दवाओं की फर्जी सप्लाई दिखाकर बांग्लादेश तक तस्करी कर रहा था। नकद लेन-देन सबसे अधिक होता था। बताया जा रहा है कि भारी मुनाफे, 5 लाख पर 30 लाख रुपये, के लालच में अमित इस धंधे में शामिल हुआ। इसी पैसों के दम पर वह आगामी पंचायत चुनावों में ब्लॉक प्रमुख बनने की योजना बना रहा था।
सिंडिकेट का विस्तार और फर्जीवाड़े का पर्दाफाश
एसटीएफ की जांच में सामने आया कि कंपनी द्वारा उत्पादन बंद कर देने के बाद भी शुभम की दो फर्में सुपर स्टॉकिस्ट के रूप में सक्रिय थीं। फर्जी दस्तावेजों और कालाबाजारी के जरिए शुभम ने भारी संपत्ति खड़ी कर ली है। 100 करोड़ से अधिक की फेन्सिडिल तस्करी मामले में अमित सिंह ‘टाटा’ को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि शुभम जायसवाल दुबई भाग निकला है। उसके खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी कर दिया गया है।
धनंजय सिंह ने दी सफाई
नमस्ते प्रिय साथियों।
मुझे पता है कि कफ़ सिरफ़ के मुद्दे पर मेरे कुछ राजनैतिक विरोधियों ने पत्रकार बंधुओं को गुमराह कर के मेरे बारे में भ्रामक्ता फैलाने का कृत्य किया है।
इस सम्बन्ध में मैं आपको अवगत कराना चाहता हूँ कि प्रकरण काशी/वाराणसी से जुड़ा होने के कारण कांग्रेस और अन्य… pic.twitter.com/51xyhPOU1D— Dhananjay Singh (@MDhananjaySingh) November 29, 2025
जांच एजेंसियों के अनुसार अमित सिंह टाटा, और शुभम जायसवाल मिलकर यह पूरा तस्करी रैकेट संचालित कर रहे थे। बाहुबली नेताओं से इनके करीबी रिश्तों की भी अब गहराई से जांच की जा रही है। वही इस मामले पर पूर्व सांसद धनंजय सिंह ने सफाई देते हुए खुद को बेगुनाह बताया और सीबीआई जांच की सरकार से मांग भी उठाई है।
















































