Magh Mela 2026: नववर्ष 2026 की शुरुआत के साथ ही पूरे देश में आध्यात्मिक और धार्मिक उत्साह देखने को मिल रहा है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार यह वर्ष सूर्य के प्रभाव वाला माना जा रहा है, जिससे धर्म, साधना, तप और सत्कर्मों की ओर लोगों का झुकाव बढ़ने की संभावना है। इसी पावन वातावरण में सनातन संस्कृति का प्रमुख आयोजन माघ मेला आज से प्रयागराज में विधिवत आरंभ हो गया है।
संगम तट पर श्रद्धा का सैलाब
माघ मेले के शुभारंभ के साथ ही प्रयागराज के संगम क्षेत्र में श्रद्धालुओं, संत-महात्माओं और कल्पवासियों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है। देश के कोने-कोने से आए भक्त गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के पवित्र संगम में आस्था की डुबकी लगा रहे हैं। पौष पूर्णिमा के अवसर पर पहला शाही स्नान शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ, जिसके साथ ही पूरे माघ मास तक चलने वाली कल्पवास परंपरा की भी शुरुआत हो गई।
40 दिनों तक चलेगा आस्था का महापर्व
करीब 40 से 45 दिनों तक चलने वाला माघ मेला 15 फरवरी को महाशिवरात्रि के अंतिम स्नान के साथ संपन्न होगा। इस दौरान मकर संक्रांति, मौनी अमावस्या, बसंत पंचमी और माघी पूर्णिमा जैसे प्रमुख स्नान पर्व श्रद्धालुओं के लिए विशेष महत्व रखते हैं। इन पवित्र तिथियों पर संगम स्नान, पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठानों के लिए लाखों श्रद्धालुओं के प्रयागराज पहुंचने की संभावना जताई जा रही है।
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धार्मिक मान्यता
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार माघ मास में संगम में स्नान करने से पापों का नाश होता है और मोक्ष प्राप्ति का मार्ग खुलता है। माघ मेले के दौरान किया जाने वाला कल्पवास सबसे पवित्र और कठिन साधना माना जाता है। इस अवधि में श्रद्धालु अत्यले सादगीपूर्ण, संयमित और तपस्वी जीवन अपनाते हैं। ब्रह्ममुहूर्त में स्नान करना, जप-ध्यान करना, दान देना और तप करना आत्मशुद्धि के प्रमुख साधन माने जाते हैं।
आस्था और संस्कृति का जीवंत संगम
मान्यता है कि एक माघ मास का कल्पवास हजारों वर्षों की तपस्या के समान फलदायी होता है। यही कारण है कि माघ मेला न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि भारतीय संस्कृति, परंपरा और आध्यात्मिक चेतना का जीवंत प्रतीक भी माना जाता है।
सीएम योगी ने दी शुभकामनाएं
श्रीगङ्गादेव्यै नमः
माघ मेला के शुभारंभ एवं पावन पौष पूर्णिमा की सभी श्रद्धालुओं व प्रदेश वासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं।
पवित्र संगम में आस्था की डुबकी लगाने हेतु तीर्थराज प्रयाग पधारे सभी पूज्य साधु-संतों, धर्माचार्यों, सभी अखाड़ों एवं कल्पवासियों का हार्दिक स्वागत… pic.twitter.com/fNWrWeeJSX
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) January 3, 2026
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक्स पर ट्वीट करते हुए लिखा कि, श्रीगङ्गादेव्यै नमः, माघ मेला के शुभारंभ एवं पावन पौष पूर्णिमा की सभी श्रद्धालुओं व प्रदेश वासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। पवित्र संगम में आस्था की डुबकी लगाने हेतु तीर्थराज प्रयाग पधारे सभी पूज्य साधु-संतों, धर्माचार्यों, सभी अखाड़ों एवं कल्पवासियों का हार्दिक स्वागत एवं अभिनंदन। माँ गंगा, माँ यमुना एवं माँ सरस्वती सभी के मनोरथ पूर्ण करें, यही प्रार्थना है।











































