ग्रेटर नोएडा (Greater Noida) के सेक्टर-150 में सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता (Yuvraj Mehta) की दर्दनाक मौत के मामले में पुलिस ने तेज कार्रवाई की है। नॉलेज पार्क थाना पुलिस ने MZ विश्टाउन (Wishtown Planners Pvt Ltd) के मालिक और मुख्य बिल्डर अभय कुमार (कुछ रिपोर्ट्स में अभय सिंह के नाम से भी उल्लेख) को गिरफ्तार कर लिया है। यह गिरफ्तारी लापरवाही के गंभीर आरोपों के बीच हुई है, जहां FIR में दो बिल्डरों – MZ विश्टाउन और लोटस ग्रीन को नामजद किया गया था।
घटना का पूरा विवरण
27 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता 16 जनवरी की रात गुरुग्राम से घर लौट रहे थे। कोहरे और तेज रफ्तार के कारण उनकी कार अनियंत्रित होकर सेक्टर-150 में एक निर्माणाधीन साइट के पास 20 फुट गहरे पानी से भरे गड्ढे में गिर गई। यह गड्ढा 2021 में मॉल के बेसमेंट निर्माण के लिए खोदा गया था, लेकिन उसके बाद पानी भर गया और कोई सुरक्षा उपाय नहीं किए गए। युवराज करीब दो घंटे तक ठंडे पानी में फंसे रहे और मदद की गुहार लगाते रहे, लेकिन कोई नहीं पहुंचा। अंततः उनकी मौत हो गई। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में पानी में डूबने से दम घुटने की पुष्टि हुई।
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पिता ने दर्ज कराई शिकायत
युवराज के पिता राज कुमार मेहता ने नॉलेज पार्क पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, जिसमें निर्माण साइट पर सुरक्षा की कमी, बैरिकेडिंग न होने, साइन बोर्ड न लगने और पानी भरने की लापरवाही का आरोप लगाया। FIR में MZ विश्टाउन और लोटस ग्रीन को नामजद किया गया। लोटस ग्रीन ने दावा किया कि उन्होंने 2019-20 में प्रोजेक्ट MZ विश्टाउन और ग्रिहाप्रवेश ग्रुप को नोएडा अथॉरिटी की मंजूरी से बेच दिया था, इसलिए उनकी कोई जिम्मेदारी नहीं। हालांकि, पुलिस ने MZ विश्टाउन के मालिक अभय कुमार को मुख्य आरोपी मानकर गिरफ्तार किया। दूसरे मालिक मनीष कुमार की तलाश जारी है।
प्रशासन की कार्रवाई और SIT गठन
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मामले की संज्ञान लेते हुए 3 सदस्यीय विशेष जांच टीम (SIT) गठित की, जिसका नेतृत्व एडीजी स्तर के अधिकारी भानु भास्कर कर रहे हैं। SIT नोएडा अथॉरिटी, पुलिस, फायर ब्रिगेड, SDRF और NDRF अधिकारियों से पूछताछ कर रही है। मुख्यमंत्री ने 5 दिनों में जांच रिपोर्ट मांगी है। नोएडा अथॉरिटी के CEO एम लोकेश को हटाया गया। घटना स्थल से कार अभी भी नहीं निकाली जा सकी है, जो जांच में बाधा बन रही है।
परिवार और समाज में आक्रोश
इस हादसे ने पूरे क्षेत्र में आक्रोश फैला दिया है। परिवार ने प्रशासन की उदासीनता पर सवाल उठाए हैं। पहले से ही निवासियों द्वारा गड्ढे के आसपास बैरिकेडिंग, रिफ्लेक्टर और साइन बोर्ड की मांग की जा रही थी। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी ट्वीट कर कहा कि “सड़कें, पुल और भ्रष्टाचार जान ले रहे हैं, लेकिन कोई जवाबदेही नहीं।” मामले में आपराधिक लापरवाही (Bharatiya Nyaya Sanhita के तहत) के तहत कार्रवाई हो रही है। पुलिस का कहना है कि जांच आगे बढ़ रही है और अन्य जिम्मेदारों पर भी शिकंजा कसेगा।











































