उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले में एक बेहद शर्मनाक और दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक महिला ने अपने मात्र 5 महीने के दुधमुंहे बेटे का सौदा 95 हजार रुपये में कर दिया। यह मामला खरौना गांव का है, जहां मां ने बच्चे को बेच दिया था। पति ने शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बच्चे को सुरक्षित बरामद कर लिया और महिला को मानव तस्करी के मामले में गिरफ्तार कर लिया। यह घटना मां-बेटे के रिश्ते की पवित्रता को शर्मसार करने वाली है और समाज में गहरी चिंता पैदा कर रही है। पुलिस ने मामले को मानव तस्करी के तहत दर्ज किया है और जांच जारी है।
घटना का पूरा विवरण और गांव
कौशांबी जिले के खरौना गांव में रहने वाली एक महिला ने अपने 5 महीने के बेटे का सौदा 95 हजार रुपये में किसी को कर दिया। महिला ने बच्चे को बेचकर पैसे ले लिए थे। पति को जब इसकी जानकारी हुई तो उन्होंने तुरंत पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मानव तस्करी का मामला दर्ज किया और तलाश शुरू की, जिसके बाद बच्चे को सुरक्षित बरामद कर लिया गया। बच्चा अब सुरक्षित है और उसकी देखभाल की जा रही है।
पुलिस कार्रवाई और गिरफ्तारी
पति की शिकायत पर पुलिस ने त्वरित एक्शन लिया। महिला को गिरफ्तार कर लिया गया है। मामले में मानव तस्करी के प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जा रही है। पुलिस ने बच्चे को बरामद करने के साथ-साथ सौदे में शामिल अन्य लोगों की तलाश शुरू कर दी है। जांच में पता चला है कि यह सौदा आर्थिक तंगी या अन्य पारिवारिक कारणों से किया गया था, लेकिन पुलिस इसे मानव तस्करी का संगठित मामला मान रही है।
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समाज और कानूनी मायने
यह घटना मां के रिश्ते को शर्मसार करने वाली बताई जा रही है। बच्चे को बेचना भारतीय दंड संहिता और POCSO/मानव तस्करी विरोधी कानूनों के तहत गंभीर अपराध है। पुलिस ने कहा कि आरोपी महिला के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। समाज में इस तरह की घटनाएं बढ़ रही हैं, जहां गरीबी या अन्य दबाव में बच्चे बेचे जा रहे हैं। बच्चे की सुरक्षा के लिए चाइल्डलाइन और अन्य एजेंसियां सक्रिय हैं।
X और सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाएं
यह खबर सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है, जहां लोग इसे “कलयुग की मिसाल” बता रहे हैं। कई यूजर्स ने मां की क्रूरता पर नाराजगी जताई और बच्चे की सुरक्षा की मांग की। कुछ पोस्ट्स में कहा गया कि ऐसे मामलों में सख्त सजा जरूरी है ताकि समाज में डर पैदा हो। पुलिस और प्रशासन से अपील की जा रही है कि जांच तेज हो और बच्चे को सुरक्षित रखा जाए।
घटना की जांच
यह घटना समाज को झकझोरने वाली है और गरीबी, जागरूकता की कमी जैसे मुद्दों पर सवाल उठाती है। पुलिस जांच में बिचौलियों या अन्य लोगों की भूमिका भी सामने आ सकती है। बच्चे को अब बाल कल्याण समिति के हवाले किया जाएगा। शोक और चिंता के बीच समाज से अपील है कि ऐसे मामलों में तुरंत पुलिस को सूचित करें। अपडेट्स के लिए मीडिया पर नजर रखें – यह मामला कानूनी रूप से आगे बढ़ेगा।











































