बिहार में लड़कियों और महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों को लेकर राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की बेटी और नेता रोहिणी आचार्य (Rohini Acharya) ने मुख्यमंत्री नीतीश (Nitish Kumar) कुमार पर जोरदार निशाना साधा है। रोहिणी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए कहा कि राज्य में लगभग हर दिन बहन-बेटियों के साथ अत्याचार, यौन उत्पीड़न और बलात्कार जैसे अपराध हो रहे हैं, लेकिन सरकार कानून-व्यवस्था के दावों के बावजूद गहरी नींद में है। यह बयान हाल के मामलों जैसे पटना में नीट छात्रा की मौत (जिसमें यौन उत्पीड़न के आरोप लगे) और अन्य घटनाओं के बाद आया है, जिसने बिहार में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर राजनीतिक बहस छेड़ दी है। रोहिणी ने अपराधियों को डर न लगने और सरकार की नाकामी पर सवाल उठाए हैं, जिससे NDA सरकार पर दबाव बढ़ गया है।
रोहिणी आचार्य का एक्स पोस्ट
माननीय मुख्यमंत्री जी .. ये शर्म का विषय है कि क़ानून के राज के आपके तमाम दावों के बावजूद बिहार में बेटियां असुरक्षित हैं .. दुःखद सच्चाई ये है कि सरकार की संवेदनहीनता , महिलाओं की सुरक्षा के प्रति सरकारी – प्रशासनिक उदासीनता और नाकामी की वजह से बहन – बेटियों के लिए तनिक भी… pic.twitter.com/vU3gpDg52O
— Rohini Acharya (@RohiniAcharya2) January 24, 2026
बिहार की सियासत में महिलाओं की सुरक्षा एक बड़ा मुद्दा बन गया है, जहां राजद नेता रोहिणी आचार्य ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को सीधे टैग करते हुए तीखा हमला बोला है। रोहिणी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए कहा कि, राज्य में लगभग हर दिन बहन-बेटियों के साथ अत्याचार, यौन उत्पीड़न और बलात्कार जैसे अपराध हो रहे हैं, लेकिन सरकार कानून-व्यवस्था के दावों के बावजूद गहरी नींद में है। यह बयान हाल के मामलों जैसे पटना में नीट छात्रा की मौत (जिसमें यौन उत्पीड़न के आरोप लगे) और अन्य घटनाओं के बाद आया है, जिसने बिहार में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर राजनीतिक बहस छेड़ दी है। रोहिणी ने अपराधियों को डर न लगने और सरकार की नाकामी पर सवाल उठाए हैं, जिससे NDA सरकार पर दबाव बढ़ गया है।
बेटियों को जबरन देह व्यापार में धकेला जा रहा
यह हमला हाल के कई संवेदनशील मामलों के बीच आया है, खासकर पटना के एक प्राइवेट हॉस्टल में नीट छात्रा की मौत का मामला, जहां परिवार ने यौन उत्पीड़न और पुलिस द्वारा लीपापोती के आरोप लगाए हैं। रोहिणी ने इस मामले में भी सरकार और पुलिस पर सवाल उठाए थे, जिसमें उन्होंने कहा कि हॉस्टल में रहने वाली बेटियों को जबरन देह व्यापार में धकेला जा रहा है और SIT मौन है। इसी संदर्भ में उन्होंने नीतीश सरकार की ‘समृद्धि यात्रा’ पर भी सवाल उठाए और कहा कि पहले बेटियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
रोहिणी आचार्य सोशल मीडिया पर रहती सक्रिय
रोहिणी आचार्य, जो डॉक्टर भी हैं, लगातार सोशल मीडिया पर सक्रिय रहती हैं और महिलाओं के मुद्दों पर बोलती आई हैं। उनके इस बयान पर भाजपा और NDA नेताओं ने पलटवार किया है, जिसमें कहा गया कि रोहिणी और राजद को महिलाओं की सुरक्षा पर बोलने का कोई हक नहीं है, क्योंकि उनके शासनकाल में भी अपराध होते थे। वहीं, राजद और विपक्ष इसे NDA सरकार की नाकामी बताकर हमला कर रहा है।
बिहार में महिलाओं के खिलाफ अपराधों के आंकड़े चिंताजनक
बिहार में महिलाओं के खिलाफ अपराधों के आंकड़े चिंताजनक बताए जा रहे हैं, जहां NCRB और स्थानीय रिपोर्ट्स में बलात्कार, छेड़छाड़ और हत्या के मामले बढ़े हुए हैं। रोहिणी ने अपराधियों को सख्त सजा और पुलिस की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका यह हमला 2025-26 के राजनीतिक माहौल में महत्वपूर्ण है, क्योंकि बिहार में विधानसभा चुनाव नजदीक नहीं हैं लेकिन लोकसभा के बाद महिलाओं की सुरक्षा एक प्रमुख चुनावी मुद्दा बन सकता है।
पुलिस और सरकार की ओर से कोई जवाब नहीं
पुलिस और सरकार की ओर से अभी कोई आधिकारिक जवाब नहीं आया है, लेकिन डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी सहित NDA नेताओं ने कहा है कि कानून-व्यवस्था मजबूत है और दोषियों को सजा मिलेगी। रोहिणी के बयान ने सोशल मीडिया पर व्यापक बहस छेड़ दी है, जहां एक तरफ लोग सरकार की आलोचना कर रहे हैं, तो दूसरी तरफ राजनीतिक द्वेष की बात हो रही है। यह विवाद बिहार में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर जारी संघर्ष का हिस्सा बन गया है।











































