UP: UGC और शंकराचार्य के अपमान के विरोध में बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने दिया इस्तीफा

 UP: बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री (Alankar Agnihotri) ने सोमवार को गणतंत्र दिवस के अवसर पर अपने पद से इस्तीफा देकर सभी को चौंका दिया। एक वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी द्वारा इस तरह अचानक पद छोड़ना प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है। उनके इस कदम को असामान्य और गंभीर माना जा रहा है।

धार्मिक भावनाओं से जुड़ा बताया जा रहा विरोध

सूत्रों के अनुसार, अलंकार अग्निहोत्री प्रयागराज माघ मेले के दौरान जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के शिष्यों के साथ हुए कथित दुर्व्यवहार से आहत थे। उन्होंने इसे ब्राह्मण समाज के अपमान से जोड़ते हुए अपनी गहरी नाराजगी जाहिर की थी, जिसे उनके इस्तीफे की एक बड़ी वजह माना जा रहा है।

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सोशल मीडिया पोस्ट से बढ़ा विवाद

इस्तीफा देने से कुछ घंटे पहले अलंकार अग्निहोत्री ने सोशल मीडिया पर एक तीखी पोस्ट साझा की थी। इस पोस्ट में उन्होंने यूजीसी (UGC) के एक फैसले का विरोध करते हुए उसे ‘काला कानून’ बताया और ‘बॉयकॉट बीजेपी’ जैसे नारे भी लिखे। यह पोस्ट तेजी से वायरल हो गई और इसके तुरंत बाद उनके इस्तीफे की खबर सामने आई।

त्यागपत्र में क्या लिखा?

अलंकार अग्निहोत्री द्वारा प्रस्तुत विस्तृत त्यागपत्र में यह स्पष्ट रूप से व्यक्त किया गया है कि University Grants Commission (UGC) द्वारा प्रस्तावित और लागू किए जा रहे UGC Regulations 2026 भारतीय शिक्षा प्रणाली की पारंपरिक गुरुकुल पद्धति, सनातन संस्कृति और सामाजिक संतुलन के विरोधी हैं।अपने पत्र में उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि इन नियमों के लागू होने से शिक्षा धीरे-धीरे कॉरपोरेट मॉडल में परिवर्तित की जा रही है, जहाँ ज्ञान, संस्कार और सेवा की बजाय केवल बाजार और प्रबंधन आधारित दृष्टिकोण को महत्व दिया जा रहा है।

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सरकार और प्रशासन अलर्ट मोड में

एक मौजूदा सिटी मजिस्ट्रेट द्वारा खुले तौर पर सरकार के खिलाफ बयान देना और फिर पद छोड़ देना बेहद दुर्लभ घटना मानी जा रही है। अब तक सख्त और अनुशासित अधिकारी की छवि रखने वाले अलंकार अग्निहोत्री का यह रुख शासन के लिए चिंता का विषय बन गया है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासनिक स्तर पर हलचल तेज हो गई है।

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