UP: रायबरेली AIIMS में शुरू हुआ 7वां राष्ट्रीय तम्बाकू नियंत्रण सम्मेलन, डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने किया उद्घाटन

UP: रायबरेली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) में आज (30 जनवरी 2026) से तीन दिवसीय 7वां राष्ट्रीय तम्बाकू या स्वास्थ्य सम्मेलन (7th National Conference on Tobacco or Health) शुरू हो गया है। विश्व तम्बाकू निषेध दिवस के संदर्भ में आयोजित इस महत्वपूर्ण सम्मेलन का मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री डॉ. ब्रजेश पाठक रहे। उन्होंने अपने चिर-परिचित अंदाज में तम्बाकू की हानियों पर जोर देते हुए युवाओं को तम्बाकू छोड़ने के लिए प्रेरित किया और माहौल को हल्का-फुल्का बनाए रखा।

सम्मेलन में क्या हुआ?

देश के विभिन्न राज्यों से तम्बाकू नियंत्रण, निषेध और स्वास्थ्य से जुड़े विशेषज्ञ, कैंसर विशेषज्ञ (ऑनकोलॉजिस्ट), शोधकर्ता और भारत सरकार के वरिष्ठ अधिकारी AIIMS रायबरेली पहुंचे हैं। टाटा मेमोरियल अस्पताल मुंबई, पीजीआई चंडीगढ़ जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों के एक्सपर्ट्स भी शामिल हुए। सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य तम्बाकू के दुष्प्रभावों, खासकर कैंसर, फेफड़ों की बीमारियों और अन्य घातक रोगों पर गहन मंथन करना है। विशेषज्ञों ने तम्बाकू से जुड़े आम मिथकों (मिथ) और वैज्ञानिक तथ्यों (फैक्ट्स) पर विस्तार से चर्चा की, जैसे गुटखा-तम्बाकू से मुंह का कैंसर होने का खतरा, धूम्रपान से हृदय रोग और युवाओं में लत की शुरुआत कैसे होती है।

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डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक का संबोधन

उप मुख्यमंत्री डॉ. ब्रजेश पाठक ने सम्मेलन को संबोधित करते हुए तम्बाकू को ‘धीमा जहर’ बताया और कहा कि यह न केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को बर्बाद करता है, बल्कि परिवार और समाज पर भी भारी बोझ डालता है। उन्होंने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि तम्बाकू छोड़ना ही सबसे बड़ा स्वास्थ्य संकल्प है और सरकार की नीतियां इसे सख्ती से लागू करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। अपने हास्यपूर्ण अंदाज में उन्होंने माहौल को खुशनुमा बनाए रखा, लेकिन राजनीतिक सवालों से दूरी बनाए रखी। खास तौर पर शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के उस बयान पर कोई टिप्पणी नहीं की, जिसमें उन्होंने सीएम योगी आदित्यनाथ से हिंदू होने का प्रमाण देने की बात कही थी।

सम्मेलन का महत्व और आगे की योजना

यह तीन दिवसीय सम्मेलन तम्बाकू नियंत्रण नीतियों, रोकथाम के उपायों, जागरूकता अभियानों और शोध पर केंद्रित है। विशेषज्ञ तम्बाकू उत्पादों पर टैक्स बढ़ाने, विज्ञापन प्रतिबंध, सार्वजनिक स्थानों पर सख्ती और युवाओं के बीच जागरूकता जैसे मुद्दों पर सिफारिशें तैयार करेंगे। सरकार को इन सिफारिशों के आधार पर और प्रभावी कदम उठाने में मदद मिलेगी। AIIMS रायबरेली के लिए यह आयोजन चिकित्सा क्षेत्र में गौरव का क्षण है, जो संस्थान की बढ़ती प्रतिष्ठा को दर्शाता है।

सम्मेलन में शामिल विशेषज्ञों का कहना है कि तम्बाकू से होने वाली मौतें पूरी तरह रोकी जा सकती हैं, अगर समाज, सरकार और व्यक्ति स्तर पर सामूहिक प्रयास हों। तीन दिनों तक चलने वाले इस कार्यक्रम में वर्कशॉप, पैनल चर्चा और पेपर प्रेजेंटेशन होंगे। अंत में सिफारिशें जारी की जाएंगी, जो तम्बाकू मुक्त भारत के लक्ष्य को मजबूत करेंगी।

Input- शिवा मौर्या, रायबरेली

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