गोरखपुर:कैंसर रोकथाम की दिशा में विश्वविद्यालय का सतत प्रयास, एचपीवी टीकाकरण अभियान निरंतर जारी

महिलाओं एवं भावी पीढ़ी के स्वास्थ्य को सुरक्षित करने की दिशा में दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय द्वारा निःशुल्क सर्वाइकल कैंसर बचाओ एचपीवी टीकाकरण अभियान” को नियमित, चरणबद्ध एवं सुनियोजित रूप से संचालित किया जा रहा है। यह अभियान महामहिम कुलाधिपति एवं उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल की प्रेरणा तथा कुलपति प्रो. पूनम टंडन के कुशल नेतृत्व एवं सतत मार्गदर्शन में आगे बढ़ रहा है।

इसी क्रम में निःशुल्क ‘सर्वाइकल कैंसर बचाओ’ टीकाकरण अभियान का अष्टम चरण 30 जनवरी 2026 को विश्वविद्यालय परिसर में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस चरण का आयोजन महिला अध्ययन केंद्र द्वारा किया गया, जिसमें शिक्षकों एवं कर्मचारियों के बच्चों को जीवनरक्षक एचपीवी (Human Papillomavirus) वैक्सीन निःशुल्क प्रदान की गई।

इस अवसर पर कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने कहा कि “विश्वविद्यालय का यह प्रयास केवल टीकाकरण तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज में निवारक स्वास्थ्य संस्कृति को विकसित करने की दिशा में एक ठोस कदम है। एचपीवी टीकाकरण के माध्यम से हम बच्चों को भविष्य में होने वाले सर्वाइकल कैंसर सहित अनेक कैंसर रोगों से सुरक्षित कर रहे हैं। जब शिक्षा और स्वास्थ्य साथ-साथ चलते हैं, तभी सशक्त और सुरक्षित समाज का निर्माण संभव होता है।”

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार एचपीवी वायरस सर्वाइकल कैंसर के साथ-साथ गले, मुख एवं जननांगों के कैंसर का भी प्रमुख कारण है। समय रहते टीकाकरण से भविष्य में कैंसर के जोखिम एवं बोझ को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

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टीकाकरण का कार्य श्री ए. पी. सिंह द्वारा किया गया। उन्होंने बताया कि एचपीवी टीके के लिए 11–12 वर्ष की आयु सर्वाधिक उपयुक्त मानी जाती है, क्योंकि इस आयु में शरीर की प्रतिरोधक क्षमता टीके पर सर्वोत्तम प्रतिक्रिया देती है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि व्यापक प्रतिरक्षा के लिए यह टीका लड़कियों एवं लड़कों दोनों को दिया जाना आवश्यक है।

टीकाकरण से पूर्व बच्चों की आवश्यक स्वास्थ्य जाँच की गई तथा संपूर्ण प्रक्रिया पूर्णतः निःशुल्क, सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित रही। उल्लेखनीय है कि विश्वविद्यालय द्वारा यह अभियान अब तक आठ चरणों में संचालित किया जा चुका है, जिनमें बड़ी संख्या में बच्चों को एचपीवी संक्रमण से सुरक्षित किया गया है।

इस महत्वपूर्ण स्वास्थ्य एवं सामाजिक अभियान के सफल संचालन में प्रो. दिव्या रानी सिंह, डॉ. अनुपम कौशिक, डॉ. नीता सिंह एवं डॉ. प्रीति गुप्ता का सराहनीय योगदान रहा।

यह टीकाकरण अभियान विश्वविद्यालय की समाज के स्वास्थ्य, जनजागरूकता एवं कैंसर-निरोधक प्रयासों के प्रति निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाता है और भविष्य में कैंसर-मुक्त समाज की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सिद्ध हो रहा है।

INPUT-ANANYA MISHRA\

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