‘मैं हमेशा दिल्ली के लिए खेली, लेकिन केजरीवाल सरकार ने कभी नहीं की मदद’, कांस्य पदक विजेता दिव्या ने कहा- योगी सरकार ने मेरी बहुत सहायता की

कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत का नाम रोशन करके कुश्ती में मेडल जीतने वाली दिव्या काकरान ने दिल्ली सरकार पर ट्वीट करके सभी सपोर्ट न करने का आरोप लगाया था। जिसके बाद अब इस मामले में विवाद बढ़ गया है। दरअसल, दिव्या के लगाए हुए आरोपों के जवाब में दिल्ली सरकार की ओर से भी अपनी सफाई दी गई है। पहलवान दिव्या काकरान और दिल्ली की अरविंद केजरीवाल सरकार के बीच चल रहे इस घमासान में बीजेपी योगी आदित्यनाथ सरकार दिव्या को 50 लाख रुपये के ईनाम से सम्मानित करेगी।

सीएम के ट्वीट के बाद दिव्या ने दिया था जवाब

जानकारी के मुताबिक, बर्मिंघम में खेले गए कॉमनवेल्थ गेम्स में दिव्या काकरान ने महिलाओं के 68 किलोग्राम वर्ग की कुश्ती में भारत के लिए ब्रॉन्ज मेडल जीता था। दिव्या की इस जीत के बाद देश भर से उन्हें बधाइयां मिल रही थीं। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी ट्वीट कर दिव्या को बधाई दी थी।

केजरीवाल का ट्वीट आने के बाद दिव्या ने उन्हें टैग करते हुए ट्वीट किया और लिखा, ”मेडल की बधाई देने के लिए दिल्ली के माननीय मुख्यमंत्री को तहे दिल से धन्यवाद। मेरा आपसे एक निवेदन है कि मैं पिछले 20 साल से दिल्ली में रह रही हूं और यहीं अपने खेल कुश्ती का अभ्यास कर रही हूं लेकिन अभी तक मुझे राज्य सरकार से किसी तरह की कोई ईनाम राशि नहीं दी गई और न कोई मदद दी गई।”

दिव्या के इस ट्वीट के बाद देश की राजनीति में हलचल मच गई। इसके बाद दिव्या ने गुरुवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई, जहां उन्होंने कहा कि साल 2017 में मेडल जीतने के बाद उन्होंने केजरीवाल से मुलाकात की थी। जिसके बाद उन्होंने दिव्या को मदद का आश्वासन दिया था। दिव्या ने कहा कि केजरीवाल ने उन्हें कभी भी, किसी भी तरह की कोई मदद नहीं दी।

प्रेस कांफ्रेंस में बताई कई बातें

गुरुवार को दिव्या काकरान ने बताया कि साल 2017 में मेडल जीतने के बाद उनकी मुलाकात सीएम केजरीवाल से हुई थी। खिलाड़ी ने कहा, ‘साल 2017 में मेडल जीतने के बाद मैं सीएम केजरीवाल से मिली थी। उन्होंने मुझे सुनिश्चित किया था कि अगर मैं लिखित तौर से उनसे मदद मांगती हूं तो मुझे मदद जरूर मिलेगी। मैंने ऐसा ही किया, लेकिन इसके बाद उन्होंने फिर कभी मुझसे संपर्क नहीं किया। उन्होंने किसी तरह से मेरी मदद नहीं की। उन्होंने यात्रा, पोषण इत्यादि किसी भी चीज में मदद नहीं की।’

 

दिव्या ने कहा कि मैं लंबे समय से कुश्ती लड़ रही हूं। मैं लड़कियों के साथ कुश्ती लड़ती तो कोई मुझे पैसा नहीं देता इसलिए मैं अपने पोषण के लिए लड़कों से लड़ी। साल 2017 तक मैंने दिल्ली को 58 मेडल दिलवाए। दिव्या ने आगे कहा कि मैं काफी गरीब परिवेश से आती हूं। मेरे पास यात्रा करने के लिए भी पैसे नहीं थे।

खिलाड़ी ने अपने बुरे दिनों को याद करते हुए कहा कि मैं ट्रेन में बने ट्वॉयलेट के पास बैठ कर सफर करती थी। दिल्ली सरकार ने कभी हमारी मदद नहीं की है। मैंने साल 2018 से यूपी के लिए लड़ना शुरू किया

साल 2019 में उत्तर प्रदेश सरकार ने मुझे रानी लक्ष्मी बाई अवार्ड दिया। साल 2020 में उन्होंने हमे आजीवन पेंशन दिया। बीते दिनों उन्होंने 50 लाख रुपये और ऑफिसर रैंक का पद मुझे दिया। यूपी सरकार ने मेरी मदद की, यहां तक कि हरियाणा सरकार ने भी मदद की। लेकिन दिल्ली ने कभी मदद नहीं की है।

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