Delhi Riots Case 2020: दिल्ली में वर्ष 2020 के दंगों के दौरान इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) के अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या के बहुचर्चित मामले में कड़कड़डुमा कोर्ट ने शुक्रवार को अहम फैसला सुनाया। अदालत ने पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन समेत पांच दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाते हुए मामले को बेहद गंभीर और समाज को झकझोर देने वाला अपराध बताया।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने उजागर कीथी निर्ममता
सुनवाई के दौरान अदालत के समक्ष पेश साक्ष्यों में सामने आया कि अंकित शर्मा की हत्या अत्यंत क्रूर तरीके से की गई थी। पुलिस के अनुसार, उनके शरीर पर कुल 51 चोटों के निशान पाए गए, जिनमें 7 घाव जानलेवा थे, जबकि 16 वार धारदार हथियार से किए गए थे। जांच में यह भी सामने आया कि हत्या के बाद शव को घसीटकर चांद बाग क्षेत्र के नाले में फेंक दिया गया था।
मौत की सजा की उठी थी मांग
मामले की सुनवाई के दौरान दिल्ली पुलिस और मृतक के परिजनों ने इसे ‘रेयरेस्ट ऑफ रेयर’ श्रेणी का अपराध बताते हुए सभी दोषियों के लिए फांसी की सजा की मांग की थी। उनका तर्क था कि अपराध की क्रूरता और परिस्थितियां मृत्युदंड दिए जाने के लिए पर्याप्त हैं।
बचाव पक्ष ने रखी अपनी दलील
वहीं, मुख्य आरोपी ताहिर हुसैन की ओर से अदालत में दलील दी गई कि उन्होंने घटना के दौरान स्वयं पुलिस को सूचना दी थी। बचाव पक्ष ने यह भी कहा कि केवल चोटों की संख्या के आधार पर मृत्युदंड नहीं दिया जा सकता। अदालत ने अभियोजन और बचाव पक्ष की दलीलों पर विस्तृत सुनवाई की।
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13 जुलाई को दोषी, अब सुनाई गई उम्रकैद
दोनों पक्षों की बहस पूरी होने के बाद अदालत ने 13 जुलाई 2026 को ताहिर हुसैन, नजीम, कासिम, अनस और जावेद को हत्या सहित अन्य आरोपों में दोषी ठहराया था। इसके बाद शुक्रवार को सजा पर फैसला सुनाते हुए कोर्ट ने सभी दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई। अदालत ने अपने फैसले में कहा कि इस तरह के अपराध समाज में भय और असुरक्षा का माहौल पैदा करते हैं, इसलिए दोषियों को कठोर दंड दिया जाना आवश्यक है।

















































