चाइनीज मांझे से लगातार हो रही मौतों को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ काफी नाराज़ हो गए हैं। उन्होंने अधिकारियों से सख्त सवाल किया कि जब चाइनीज मांझे पर बैन है, तो फिर यह बाजार में बिक कैसे रहा है? सीएम योगी ने साफ निर्देश दिए हैं कि चाइनीज मांझे की बिक्री पर तुरंत पूरी तरह रोक लगाई जाए। उन्होंने अफसरों से कहा कि अब इसमें कोई लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने सख्त शब्दों में कहा कि अगर अब चाइनीज मांझे से किसी की मौत होती है, तो उसे हत्या माना जाएगा। इस मामले में जिम्मेदार लोगों पर कड़ी कार्रवाई होगी।
सीएम योगी ने पुलिस के बड़े अधिकारियों को आदेश दिया है कि हर जिले में छापेमारी की जाए और चाइनीज मांझा बेचने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएं।
हाल की घटना
बुधवार को लखनऊ में एमआर मोहम्मद शोएब की चाइनीज मांझे से गर्दन कट गई थी। सड़क पर तड़पते हुए उनकी दर्दनाक मौत हो गई। यह घटना लोगों को झकझोर देने वाली है।
पिछले छह महीनों में चाइनीज मांझे से मौत के सात मामले सामने आ चुके हैं। इसके बावजूद यह जानलेवा मांझा अब भी चोरी-छिपे बिक रहा है।
उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा चाइनीज मांझे की बिक्री पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाए जाने के बावजूद प्रदेश के कई इलाकों में यह जानलेवा डोर धड़ल्ले से बिक रही है। खासकर त्योहारों और पतंगबाजी के मौसम में चाइनीज मांझे का अवैध कारोबार तेज हो जाता है, जो आम लोगों की जान के लिए गंभीर खतरा बन चुका है।
भारत में पारंपरिक रूप से पतंग की डोर साधारण सूती धागे से तैयार की जाती है, लेकिन चीन में बनने वाला मांझा इससे बिल्कुल अलग और बेहद खतरनाक होता है। चाइनीज मांझे में नायलॉन धागे के साथ मेटलिक पाउडर का इस्तेमाल किया जाता है। इसमें कांच के टुकड़े और लोहे का बारीक चूर्ण मिलाया जाता है, जिससे इसकी धार बेहद तेज हो जाती है।
क्यों खतरनाक है चाइनीज मांझा?
नायलॉन से बना होने के कारण यह मांझा पेच लड़ने के दौरान खींचने पर टूटता नहीं, बल्कि और कस जाता है। वहीं, कांच और लोहे का चूर्ण मिला होने की वजह से यह डोर गला रेतने तक की क्षमता रखती है। बीते वर्षों में चाइनीज मांझे से राहगीरों, बाइक सवारों, बच्चों और पक्षियों की मौत तक हो चुकी है।
प्रतिबंध होने के बाद भी खुलेआम बिक्री
सरकार ने चाइनीज मांझे के निर्माण, भंडारण, बिक्री और उपयोग पर सख्त रोक लगा रखी है। इसके बावजूद चोरी-छिपे यह मांझा ऑनलाइन प्लेटफॉर्म, छोटी दुकानों और अस्थायी ठेलों के जरिए बेचा जा रहा है। स्थानीय प्रशासन समय-समय पर कार्रवाई जरूर करता है, लेकिन स्थायी समाधान अब भी चुनौती बना हुआ है।
प्रशासन और आम जनता की जिम्मेदारी
विशेषज्ञों का कहना है कि सिर्फ प्रशासनिक कार्रवाई ही नहीं, बल्कि जन-जागरूकता भी बेहद जरूरी है। आम लोगों को चाहिए कि वे चाइनीज मांझा खरीदने और इस्तेमाल करने से बचें और इसकी अवैध बिक्री की सूचना तुरंत प्रशासन को दें।
चाइनीज मांझे से हुई दर्दनाक घटनाएं
लखनऊ (4 फरवरी 2025)– लखनऊ में बाइक से जा रहे 33 वर्षीय एमआर मोहम्मद शोएब की चाइनीज मांझे से गर्दन कटने के कारण मौत हो गई। हादसा इतना अचानक हुआ कि उन्हें बचाया नहीं जा सका।
लखनऊ (11 दिसंबर 2025)- घर लौट रहे एक युवक की बाइक चलाते समय गर्दन कट गई। हालत गंभीर थी, लेकिन डॉक्टरों ने समय पर इलाज कर गले में सात टांके लगाकर उसकी जान बचा ली।
जौनपुर (10 दिसंबर 2025)-बेटे को स्कूल छोड़कर लौट रहे कॉलेज के असिस्टेंट प्रोफेसर संदीप तिवारी की बाइक पर चाइनीज मांझा फंस गया। उनका गला कट गया और मौके पर ही उनकी मौत हो गई।
शाहजहांपुर (23 अक्टूबर 2025)- नगला जाजू निवासी 26 वर्षीय रवि शर्मा पत्नी के साथ ससुराल जा रहे थे। रोजा के हांडा पुल के पास चाइनीज मांझा उनकी गर्दन में फंस गया। गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी मौत हो गई।
अलीगढ़ (30 सितंबर 2025)-28 वर्षीय सलमान स्कूटर से दुकान जा रहे थे। जमालपुर पुल पर अचानक चाइनीज मांझा गर्दन में उलझ गया। गहरा कट लगा और अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
गोरखपुर (29 जुलाई 2025)-अमित गुप्ता अपनी मां के साथ बाइक से धर्मशाला जा रहे थे। सूरजकुंड पुल पर मांझा गर्दन में फंस गया। हेलमेट पहने होने के बावजूद उनकी गर्दन की चार नसें कट गईं। लंबा ऑपरेशन हुआ, तब जाकर जान बच पाई।
शाहजहांपुर (11 जनवरी 2025)-ड्यूटी पर जा रहे कांस्टेबल शाहरुख हसन चाइनीज मांझे की चपेट में आ गए। गर्दन पर गहरी चोट आई और इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
INPUT-ANANYA MISHRA







































