प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नए ऑफिस सेवा तीर्थ में मंगलवार को केंद्रीय मंत्रिमंडल की पहली बैठक हुई। इस दौरान यूनियन कैबिनेट ने मंगलवार को केरल सरकार के राज्य का नाम बदलकर केरलम करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। सूत्रों के मुताबिक यह कदम अप्रैल-मई में होने वाले केरल विधानसभा चुनावों से पहले उठाया गया है।यह प्रस्ताव 2024 में केरल विधानसभा में लाया गया था. मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने खुद इसे पेश किया और कहा कि ‘केरल’ अंग्रेजी में लिखा जाता है, लेकिन मलयालम में राज्य को ‘केरलम’ कहा जाता है. विधानसभा ने केंद्र से अनुरोध किया कि अनुच्छेद 3 के तहत संशोधन कर नाम बदल दिया जाए. 2024 में प्रस्ताव पास होने के बाद होम मिनिस्ट्री ने कुछ तकनीकी बदलाव सुझाए, जिसके बाद जून 2025 में दोबारा प्रस्ताव पास किया गया. अब केंद्र में मोदी सरकार के कैबिनेट में यह मुद्दा उठा और इसे मंजूरी मिल गई।
केरल के तिरुवनंतपुरम से कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने इस खबर पर टिप्पणी की. उन्होंने X पर लिखा, ‘सब अच्छा है, कोई शक नहीं, लेकिन अंग्रेजी बोलने वालों के लिए एक छोटा सा भाषाई सवाल: नए ‘केरलम’ के निवासियों के लिए अब ‘केरलाइट’ और ‘केरलन’ शब्दों का क्या होगा?’ थरूर ने आगे कहा, ‘केरलमाइट तो कीटाणु जैसा लगता है और केरलमियन किसी दुर्लभ खनिज जैसा.’ उन्होंने केरल के मुख्यमंत्री कार्यालय को टैग करते हुए सुझाव दिया कि नए शब्दों के लिए कोई प्रतियोगिता शुरू की जा सकती है।
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यूनियन कैबिनेट की पिछली बैठक 13 फरवरी को PMO के साउथ ब्लॉक वाले ऑफिस में हुई थी। इसके बाद PMO को नए ऑफिस में शिफ्ट कर दिया गया था। प्रधानमंत्री का ऑफिस 1947 से साउथ ब्लॉक में रहा। ये इमारत करीब 78 सालों से देश की सत्ता का केंद्र रही है।सेवा तीर्थ कॉम्पलेक्स में कुल 3 इमारतें हैं- सेवा तीर्थ-1, सेवा तीर्थ-2 और सेवा तीर्थ-3। सेवा तीर्थ-1 में PMO है। सेवा तीर्थ-2 में कैबिनेट सचिवालय और सेवा तीर्थ-3 में NSCS और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल का ऑफिस है। ये सभी ऑफिस पहले अलग-अलग जगहों पर थे।
कैबिनेट सचिवालय सितंबर 2025 में ही सेवा तीर्थ-2 में शिफ्ट हो चुका है। आज PMO के साथ NSCS और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार का ऑफिस भी यहां शिफ्ट हो गया है। PM आज कर्तव्य भवन-1 और 2 का उद्घाटन भी करने वाले हैं। यहां मंत्रालयों के नए ऑफिस होंगे। पहले नॉर्थ ब्लॉक मंत्रालयों का ठिकाना था।
सेवा तीर्थ का मतलब है ‘सेवा का स्थान’। पहले इसका नाम ‘एग्जीक्यूटिव एन्क्लेव’ रखा गया था, लेकिन 2 दिसंबर 2025 में इसका नाम बदलकर सेवा तीर्थ रखा गया। यह नई दिल्ली में दारा शिकोह रोड पर एग्जीक्यूटिव एन्क्लेव में स्थित है। यह करीब 2.26 लाख वर्ग फीट (करीब 5 एकड़) में बना है। इसे एल एंड टी कंपनी ने ₹1189 करोड़ में बनाया है। नए PMO के पास ही प्रधानमंत्री का नया आवास भी बन रहा है। इसके तैयार होने के बाद प्रधानमंत्री 7, लोक कल्याण मार्ग स्थित मौजूदा आवास से नए आवास में शिफ्ट हो जाएंगे। हालांकि, अभी इसकी तारीख सामने नहीं आई है।
INPUT-ANANYA MISHRA
















































