उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के नोएडा में हाल ही में वेतन वृद्धि की मांग को लेकर मजदूरों का प्रदर्शन हुआ, जो धीरे-धीरे हिंसक रूप ले बैठा। प्रदर्शनकारियों ने कई जगहों पर हंगामा किया, जिसके बाद हालात काबू करने के लिए पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा। जिसके बाद पुलिस एक्शन में नजर आ रही हैं।
नोएडा हिंसा मामले कई प्रदर्शनकारी हिरासत में
बवाल बढ़ने के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए कई लोगों को हिरासत में लिया। प्रशासन का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए यह कदम जरूरी था और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
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RJD प्रवक्ताओं पर FIR दर्ज
इस मामले में नया मोड़ तब आया जब पुलिस ने राष्ट्रीय जनता दल (RJD) की दो राष्ट्रीय प्रवक्ताओं प्रियंका भारती और कंचन यादव, के खिलाफ केस दर्ज किया। दोनों पर आरोप है कि उन्होंने नोएडा की घटना से जुड़ा गलत वीडियो शेयर किया।
भ्रामक जानकारी फैलाने का आरोप
पुलिस के अनुसार, सोशल मीडिया पर गलत वीडियो साझा करने से शहर में डर और अविश्वास का माहौल बना। अधिकारियों का कहना है कि सुनियोजित तरीके से पुलिस की छवि खराब करने और लोगों को भड़काने की कोशिश की गई, जिससे कानून-व्यवस्था प्रभावित हुई।
हालात सामान्य होने की ओर, मजदूर लौटे काम पर
हिंसक प्रदर्शनों के एक सप्ताह बाद अब नोएडा के औद्योगिक क्षेत्रों में धीरे-धीरे स्थिति सामान्य हो रही है। अधिकांश फैक्ट्रियां खुल गई हैं और मजदूर काम पर लौट रहे हैं, हालांकि कई श्रमिकों में अब भी गिरफ्तारी का डर बना हुआ है। प्रशासन द्वारा समझाइश के बाद छोटे समूहों में इकट्ठा हुए लोगों को वापस काम पर भेजा गया।
















































