उत्तर प्रदेश कैडर के 2002 बैच के IAS अधिकारी समीर वर्मा (IAS Sameer Verma) इन दिनों प्रशासनिक हलकों में चर्चा का विषय बने हुए हैं। उनकी लंबी गैरहाजिरी को लेकर कई तरह के सवाल उठ रहे हैं, क्योंकि वे अक्टूबर 2025 से बिना किसी आधिकारिक अनुमति के छुट्टी पर बताए जा रहे हैं।
नई तैनाती के बावजूद नहीं संभाला पदभार
जानकारी के अनुसार, जून 2025 में उन्हें IG स्टाम्प एवं रजिस्ट्रेशन के पद से हटा दिया गया था। इसके बाद अक्टूबर 2025 में उन्हें सचिव, नियोजन विभाग के पद पर नियुक्त किया गया, लेकिन उन्होंने इस नई जिम्मेदारी को अब तक ग्रहण नहीं किया है।
स्टडी लीव की मांग हुई थी खारिज
सूत्रों का कहना है कि IG स्टाम्प पद से हटने के बाद समीर वर्मा ने MBA करने के लिए स्टडी लीव की मांग की थी। हालांकि, उनकी यह छुट्टी स्वीकृत नहीं की गई। इसके बावजूद वे पिछले कई महीनों से ड्यूटी पर उपस्थित नहीं हैं।
सेवा नियमों का उल्लंघन, कार्रवाई शुरू
प्रशासनिक नियमों के तहत बिना अनुमति लंबे समय तक अनुपस्थित रहना गंभीर अनुशासनहीनता माना जाता है। ऐसे मामलों में विभागीय जांच और अनुशासनात्मक कार्रवाई की प्रक्रिया अपनाई जाती है। इसी क्रम में उनके खिलाफ भी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
प्रशासनिक व्यवस्था पर असर और आगे की कार्रवाई
इस पूरे मामले ने शासन-प्रशासन में हलचल पैदा कर दी है। एक वरिष्ठ अधिकारी की इस तरह की अनुपस्थिति से विभागीय कामकाज प्रभावित हो रहा है। फिलहाल शासन स्तर पर मामले की समीक्षा की जा रही है और आगे की कार्रवाई सेवा नियमों के अनुसार तय की जाएगी।
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