UP: बिजली लाइन पर काम करने के दौरान लगातार हो रहे हादसों को गंभीरता से लेते हुए विद्युत विभाग ने लाइनमैनों की सुरक्षा के लिए नई व्यवस्था लागू की है। अब किसी भी फॉल्ट को ठीक करने से पहले लाइनमैनों के लिए निर्धारित सुरक्षा उपकरण पहनना अनिवार्य होगा। विभाग का मानना है कि इससे ड्यूटी के दौरान होने वाली दुर्घटनाओं में कमी आएगी।
हादसों के बाद बदली कार्य प्रणाली
पिछले कुछ महीनों में बिजली आपूर्ति अचानक बहाल होने से कई लाइनमैन करंट की चपेट में आ चुके हैं। इन हादसों में कई कर्मचारियों की जान गई, जबकि कई गंभीर रूप से घायल हुए। इन घटनाओं के बाद विभाग ने कार्य प्रणाली की समीक्षा करते हुए सुरक्षा मानकों को और सख्त करने का फैसला लिया है।
146 लाइनमैनों को मिले सुरक्षा उपकरण
जिले के 38 पावर हाउसों पर कार्यरत 146 लाइनमैनों को सुरक्षा किट वितरित की गई है। इस किट में सेफ्टी हेलमेट, सेफ्टी बेल्ट, सेफ्टी शूज समेत अन्य जरूरी उपकरण शामिल हैं। अब बिना सुरक्षा उपकरणों के किसी भी कर्मचारी को बिजली के खंभे पर चढ़कर मरम्मत कार्य करने की अनुमति नहीं होगी।
विशेष प्रशिक्षण से बढ़ेगी सुरक्षा
सिर्फ उपकरण उपलब्ध कराने तक ही विभाग सीमित नहीं है, बल्कि लाइनमैनों को सुरक्षित तरीके से कार्य करने का विशेष प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। प्रशिक्षण में बिजली से जुड़े जोखिमों की पहचान, सुरक्षा मानकों का पालन, उपकरणों के सही इस्तेमाल और आपातकालीन स्थिति में अपनाई जाने वाली प्रक्रिया की जानकारी दी जा रही है।
‘लाइनमैनों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता’
अधीक्षण अभियंता अरुण कुमार सिंह ने बताया कि विभाग का उद्देश्य हर लाइनमैन को सुरक्षित कार्य वातावरण उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि सभी कर्मचारियों को आवश्यक सुरक्षा उपकरण दिए जा चुके हैं और अब हर फॉल्ट की मरम्मत पूरी सुरक्षा व्यवस्था के साथ ही कराई जाएगी, ताकि कार्य के दौरान किसी भी तरह की अप्रिय घटना से बचा जा सके।
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