पीलीभीत: जिलेभर में हुई लगातार तीन दिनों तक मुसलाधार बारिश से खेतों में जलभराव हो गया है। खेतों में पानी भरने से किसानों की फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। इससे किसानों की चिंताएं बढ़ गई है अब किसान सरकार और प्रशासन से मुआवजे की आस लगाए हुए है।
कृषि विभाग के अनुसार बारिश और जलभराव से करीब 45 हजार हेक्टेयर से अधिक किसानों की फसल प्रभावित हुई है, जिसमें धान और गन्ना सबसे ज्यादा है। धान में 20 से 25 प्रतिशत नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है। फसलों के हुए नुकसान के लेकर जिलाधिकारी आलोक कुमार के आदेश पर तीन विभागों की संयुक्त टीम बनाकर सर्वे कराया जा रहा है।
राममिलन परिहार कृषि अधिकारी के द्वारा जानकारी देते हुए बताया गया है प्रथम चरण के सर्वे में 22,900 हेक्टेयर धान और 20,500 हेक्टेयर गन्ना प्रभावित मिला है। कुल प्रभावित रकबा 45,132 हेक्टेयर है। कृषि विभाग के अनुसार गन्ने में 8 से 10 प्रतिशत और दलहन-तिलहन में 20 से 25 प्रतिशत क्षति का अनुमान है। डीएम के आदेश पर कृषि, राजस्व और फसल बीमा कंपनी की तीन सदस्यीय टीम फील्ड में सर्वे कर रही है। इन खराब हुई फसलों के सर्वे के बाद किसानों को मुआवजा मिलने की उम्मीद जगी है।
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