आज मशहूर डांसर सपना चौधरी ने लखनऊ कोर्ट में छिपते हुए सरेंडर कर दिया. जिसके बाद एसीजेएम कोर्ट ने सपना चौधरी को कस्टडी में लिया है. दरअसल, एक धोखाधड़ी के मामले में आशियाना थाना में सपना चौधरी समेत अन्य लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई थी. कुछ ही दिन पहले कोर्ट ने सपना चौधरी के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी था, जिसके बाद से उनपर गिरफ्तारी की तलवार लटकी हुई थी. इसी के चलते ये कार्रवाई की गई है. हालांकि अब खबर आ रही है कि उन्हें रिहा कर दिया गया है.
छुपते छुपाते पहुंची कोर्ट
जानकारी के मुताबिक, मशहूर हरियाणवी डांसर सपना चौधरी सोमवार को छुपते छुपाते एसीजेएम कोर्ट में पेश हुई. सपना चौधरी ने लखनऊ आने के बाद किसी को जानकारी नहीं होने दी. सोमवार को वह कक्ष संख्या 204 स्थित एसीजेएम 5 शांतनु त्यागी की कोर्ट में पेश हुई.
सपना यहां कोर्ट से जारी गिरफ्तारी वारंट निरस्त कराने आयी थीं. वैसे सपना चौधरी से कोर्ट काफी नाराज था. कई बार डेट मिलने के बाद भी सपना चौधरी सुनवाई के लिए हाजिर नहीं हुईं. अदालत ने कड़ा रुख अपनाते हुए सपना चौधरी के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी करने का आदेश दिया था. वैसे इस मामले की सुनवाई की अगली तारीख 30 सितंबर तय था.
इस मामले में चल रहा केस
गौरतलब है कि, लखनऊ में एफआईआर सपना चौधरी के खिलाफ आशियाना पुलिस स्टेशन में साल 2018 में 14 अक्टूबर को लिखी गई थी. आरोप था कि 13 अक्टूबर 2018 को दोपहर तीन बजे से रात 10 बजे तक स्मृति उपवन में सपना व अन्य का कार्यक्रम था, जिसके लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन टिकट 300 रुपये प्रति व्यक्ति के हिसाब से बिके थे.
इस कार्यक्रम को देखने के लिए हजारों की संख्या में टिकट लेकर लोग मौजूद थे, लेकिन सपना चौधरी रात 10 बजे तक नहीं आईं. इस पर दर्शकों ने हंगामा किया.इसके बाद टिकट धारकों के पैसे भी वापस नहीं किए गए. इस मामले में सपना चौधरी के अलावा प्रोग्राम के ऑर्गेनाइजर जुनैद अहमद, नवीन शर्मा, इवाद अली, अमित पांडे और रत्नाकर उपाध्याय जैसे नाम हैं.
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