UP: अमेठी जिले के कई परिषदीय विद्यालयों में गैस सिलेंडर की उपलब्धता प्रभावित होने से मिड-डे मील योजना के संचालन में बाधाएं आने लगी हैं। अमेठी द्वितीय क्षेत्र के प्राथमिक और जूनियर हाईस्कूलों सहित कई स्कूलों में समय पर सिलेंडर नहीं पहुंचने के कारण बच्चों के लिए भोजन तैयार करना चुनौती बन गया है। शिक्षकों ने इस समस्या के शीघ्र समाधान की मांग उठाई है।
एजेंसी का लाइसेंस निलंबित होने से रुकी प्रक्रिया
जानकारी के मुताबिक, संबंधित विद्यालयों के एलपीजी कनेक्शन प्रकाश गैस एजेंसी से जुड़े हुए थे। करीब दो महीने पहले जांच में अनियमितताएं सामने आने के बाद एजेंसी का लाइसेंस निलंबित कर दिया गया। इसके बाद अब तक गैस कनेक्शनों को किसी अन्य एजेंसी में स्थानांतरित नहीं किया जा सका है, जिससे नियमित गैस आपूर्ति बाधित बनी हुई है।
शिक्षकों पर बढ़ा अतिरिक्त आर्थिक बोझ
मिड-डे मील योजना को प्रभावित होने से बचाने के लिए कई विद्यालयों के शिक्षक निजी स्तर पर अधिक कीमत चुकाकर गैस सिलेंडर की व्यवस्था कर रहे हैं। सीमित संसाधनों में विद्यालयों का संचालन कर रहे शिक्षकों का कहना है कि इस व्यवस्था से उन पर अतिरिक्त आर्थिक भार पड़ रहा है, जबकि यह जिम्मेदारी विभागीय स्तर पर पूरी की जानी चाहिए।
शिक्षकों ने अधिकारियों को सौंपा ज्ञापन
समस्या के स्थायी समाधान की मांग को लेकर अमेठी द्वितीय के प्रधानाध्यापक अविनाश शुक्ला समेत कई शिक्षकों ने पूर्ति निरीक्षक को ज्ञापन सौंपा है। उनका कहना है कि गैस कनेक्शनों का जल्द दूसरी एजेंसी में स्थानांतरण कराया जाए, ताकि मिड-डे मील योजना बिना किसी रुकावट के संचालित हो सके और बच्चों के पोषण पर इसका प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।
सर्वे के बाद होगी आगे की कार्रवाई
खंड शिक्षा अधिकारी पूजा चौहान ने बताया कि गैस आपूर्ति से प्रभावित विद्यालयों का सर्वे कराया जाएगा। सर्वे रिपोर्ट तैयार कर संबंधित सूची पूर्ति निरीक्षक कार्यालय को भेजी जाएगी। उन्होंने कहा कि गैस कनेक्शन स्थानांतरण की प्रक्रिया को तेज करने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि सभी विद्यालयों को जल्द नियमित रूप से गैस सिलेंडर उपलब्ध हो सकें और मिड-डे मील योजना सुचारु रूप से चलती रहे।
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