UP: मिर्जापुर में जातिगत आरक्षण के विरोध में करणी सेना का प्रदर्शन, राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन

UP: देश में जातिगत आरक्षण को समाप्त करने व संसद में बिल पास करने, तत्काल प्रभाव से जातिगत आरक्षण समाप्त करने को लेकर शनिवार को कलेक्ट्रेट स्थित जिला मुख्यालय पर करणी सेना सहित अन्य ने प्रदर्शन करते हुए महामहिम राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से सौंपा है। श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना, मिर्जापुर इकाई के जिलाध्यक्ष एडवोकेट दिलीप सिंह गहरवार की अध्यक्षता में 22 अगस्त 2026 को मिर्जापुर मुख्यालय पर जोरदार प्रदर्शन करते हुए एकजुट हुए सर्वण समाज के लोगों ने कहा कि भारत देश एक सर्वधर्म समभाव वाला देश है, जहां सभी धर्म, जाति, वर्ग के लोगों को बराबर सम्मान दिया जाता है।

जानिए पूरा मामला

आगे कहा गया कि भारत में विभिन्न जाति, धर्म, रंग, वर्ण के लोग आते हैं और अपने-अपने क्षेत्र में अपनी भाषा के पोषक हैं। परंतु देश एक है, नागरिकता एक है, और सभी जाति, धर्म, वर्ण के लोगों को इस समान नागरिकता वाले देश में समान अवसर प्राप्त होना चाहिए, लेकिन जातीय आरक्षण व्यवस्था सभी धर्म जाति वर्गों में भेद कर उनमें संघर्ष की स्थिति पैदा कर रही है। योग्यता कहीं न कहीं जातिगत आरक्षण के पैरों तले कुचली जा रही है, और योग्य पात्र व्यक्ति उच्च पद प्राप्त नहीं कर पाते, अवसर प्राप्त नहीं कर पाते। जबकि जातिगत आरक्षण के चलते अयोग्य व्यक्ति भी उसे पद को धारण कर लेता है।

यह स्थिति निश्चित रूप से संघर्ष की स्थिति है। क्योंकि यदि देश एक है तो सभी नागरिकों को अवसर भी एक समान होना चाहिए क्योंकि नागरिकता भी समान है। साथ ही देश में व्यापक पैमाने पर जातिगत हिंसा, विरोध और नौकरियों में आरक्षण, विद्यालयों में आरक्षण, शिक्षण संस्थानों में आरक्षण निश्चित रूप से देश के युवाओं और युवा होनहारों को उनके अधिकारों से वंचित कर रहा है।

ALSO READ: UP: रायबरेली में BJP की बड़ी सेंध की तैयारी! 24 अगस्त को योगी की मेगा जनसभा, गांधी गढ़ पर नजर

वक्ताओं ने कहा छात्र बिना मेहनत किए किसी भी पाठ्यक्रम में प्रवेश लेकर उसका हिस्सा बन रहा है, जबकि दूसरी ओर क्षेत्र, गांव, देश का होनहार छात्र अच्छे नंबर लाकर भी अपने आप को योग्य साबित नहीं कर पा रहा है। जिससे उनमें कुंठा उत्पन्न हो रही है, और आपसी जातीय संघर्ष को बल मिल रहा है। इन सब परिस्थितियों को दूर करने के लिए तथा देश में समान नागरिकता की तरह सामान सेवा में अवसर, समान शिक्षा में अवसर, सामान विभिन्न शिक्षण संस्थानों में अवसर को बल देने वाली गैर आरक्षण नीति को पोषण देने के लिए यह एकजुट होकर खड़े होंगे।

(देश और दुनिया की खबरों के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, आप हमें ट्विटर पर भी फॉलो कर सकते हैं.)