UP: उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिला कलेक्ट्रेट परिसर स्थित एक मस्जिद को अवैध निर्माण बताते हुए ध्वस्त किए जाने के विरोध में गुरुवार को रसड़ा में मुस्लिम समाज के लोगों ने उपजिलाधिकारी के माध्यम से उत्तर प्रदेश की राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन के दौरान समाजसेवी एवं भारत नौजवान क्रांति सभा के संयोजक जावेद अंसारी जाम ने आरोप लगाया कि सिटी मजिस्ट्रेट के आदेश में मस्जिद को ध्वस्त करने का कोई स्पष्ट उल्लेख नहीं था। उनका कहना था कि मस्जिद पक्षकारों ने जिला न्यायालय से स्थगन आदेश भी प्राप्त किया था, लेकिन स्थगन समाप्त होने के मात्र दो दिन बाद ही मस्जिद को ध्वस्त कर दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि उच्च न्यायालय में अपील करने के लिए सामान्यतः तीन सप्ताह का समय दिया जाता है, इसके बावजूद जल्दबाजी में कार्रवाई की गई, जो न्यायिक प्रक्रिया और भारतीय संविधान की भावना के विपरीत है।
ज्ञापन में प्रदर्शनकारियों ने कहा कि इस प्रकार की कार्रवाई से एक विशेष समुदाय के प्रति भेदभाव का संदेश जाता है और इससे समाज की भावनाएं आहत हुई हैं। उन्होंने भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने तथा निष्पक्ष एवं संवैधानिक प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित करने की मांग की।
इस अवसर पर बदरूदूजा उर्फ बबलू अंसारी, जावेद अंसारी जाम, सुनील मौर्य, पिंटू अंसारी, अनुराग किंकर, शहाबुद्दीन अंसारी, सरफराज अली छोटू, मौलाना असअद रहमानी, जमशेद राईन, कैफ, मेराज, शमीम, इक़बाल, शहज़ाद सहित बड़ी संख्या में मुस्लिम समाज के लोग उपस्थित रहे।



















































