सहारनपुर: दिल्ली-देहरादून नेशनल हाईवे स्थित गणेशपुर टोल प्लाजा शनिवार को उस समय चर्चा का केंद्र बन गया, जब उत्तराखंड की ज्वालापुर विधानसभा से विधायक रवि बहादुर अपने समर्थकों और स्थानीय ग्रामीणों के साथ टोल प्लाजा पहुंच गए। टोल कर्मियों की कथित तानाशाही और स्थानीय लोगों से की जा रही वसूली के विरोध में विधायक ने जोरदार धरना-प्रदर्शन करते हुए टोल प्रबंधन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया।
विधायक रवि बहादुर ने कुछ दिन पहले सोशल मीडिया पर चेतावनी दी थी कि यदि स्थानीय ग्रामीणों का उत्पीड़न बंद नहीं हुआ तो गणेशपुर टोल पर बड़ा आंदोलन किया जाएगा। शनिवार को उनका यह ऐलान हकीकत में बदलता दिखाई दिया। यूपी-उत्तराखंड सीमा से जुड़े कई गांवों के लोग बड़ी संख्या में टोल प्लाजा पर पहुंचे और “स्थानीय जनता का शोषण बंद करो” जैसे नारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा।धरना स्थल पर विधायक ने आरोप लगाया कि टोल रेडियस के दायरे में आने वाले गांवों के लोगों से नियमों के विपरीत जबरन टोल वसूला जा रहा है।
उन्होंने कहा कि स्थानीय जनता के अधिकारों का हनन किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। विधायक ने साफ शब्दों में चेतावनी दी कि यदि टोल प्रबंधन ने अपनी कार्यप्रणाली में सुधार नहीं किया और ग्रामीणों को राहत नहीं दी तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा। इस दौरान भगवानपुर विधायक ममता राकेश भी ग्रामीणों के साथ मौके पर मौजूद रहीं।
भारी भीड़ को देखते हुए थाना पुलिस पहले से ही शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए तैनात रही। विधायक रवि बहादुर ने कहा कि यदि टोल प्रबंधन वार्ता के लिए आगे नहीं आया तो वह समर्थकों के साथ वहीं धरने पर बैठ जाएंगे। बाद में टोल मैनेजर ने जनप्रतिनिधियों को वार्ता के लिए बुलाया, जहां ग्रामीणों को नियमानुसार टोल छूट देने और अभद्र व्यवहार रोकने की मांग प्रमुख रूप से उठाई गई।














































