UP: मथुरा जिले के समीपवर्ती गांव खरोट में सरकारी राशन वितरण व्यवस्था को लेकर ग्रामीणों ने राशन डीलर के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। ग्रामीणों का आरोप है कि राशन वितरण में नियमों की अनदेखी की जा रही है और पात्र लाभार्थियों को योजना का पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मामले की जांच कर कार्रवाई की मांग की है।
अंगूठा लगवाने के बाद राशन न देने का आरोप
ग्रामीणों का आरोप है कि राशन वितरण के दौरान कई लाभार्थियों से मशीन पर अंगूठा लगवा लिया जाता है और रिकॉर्ड में राशन वितरण दर्ज कर दिया जाता है, लेकिन वास्तविक रूप से उन्हें राशन नहीं दिया जाता। ग्रामीणों का कहना है कि कई परिवारों को नियमित राशन नहीं मिल रहा है और उन्हें दो से तीन महीने के अंतराल पर राशन उपलब्ध कराया जाता है।
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निर्धारित मात्रा से कम राशन मिलने की शिकायत
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि अंत्योदय कार्ड धारकों को सरकार द्वारा निर्धारित 35 किलोग्राम राशन के स्थान पर कथित रूप से केवल 25 किलोग्राम राशन दिया जा रहा है। वहीं, अन्य पात्र गृहस्थी कार्ड धारकों को भी तय मात्रा से कम राशन मिलने की शिकायत सामने आई है। ग्रामीणों का कहना है कि इस कारण गरीब परिवारों को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है।
अंत्योदय कार्ड को लेकर भी उठे सवाल
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कुछ अंत्योदय राशन कार्डों में भी अनियमितताएं की गई हैं। उनका दावा है कि कथित तौर पर पैसे लेकर कार्ड दूसरे लोगों को दिए गए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि इस संबंध में कई बार शिकायतें की गईं, लेकिन अभी तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका है।
ग्रामीणों ने निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की
हरिओम, सरोज, राजवीर, काजल, सोनिया समेत दर्जनों ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और खाद्य एवं रसद विभाग से पूरे मामले की जांच कराने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित राशन डीलर के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि सरकारी राशन योजना का लाभ जरूरतमंदों तक पारदर्शी तरीके से पहुंच सके।
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