राहुल की रैली में लाए गए मजदूरों को नहीं मिला पूरा पैसा, बोले- 300 रुपए पर लाए थे 100 ही दिए

खुद को भगवान शिव का भक्त बताने वाले कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने मंगलवार को उज्जैन के दशहरा मैदान में आयोजित संकल्प सभा के दौरान मौजूदा सरकार को खूब खरी-खोटी सुनाई। लेकिन शाम होते ही सभा में शामिल हुए कुछ मजदूरों ने कांग्रेस की वादाखिलाफी को सरेआम कर दिया। कांग्रेस अध्यक्ष की सभा में दिहाड़ी के हिसाब से बुलाए गए मजदूरों ने कांग्रेस पर वादा करके मुकर जाने का आरोप लगाया।

 

300 देने का वादा था, 100 ही दिए

बता दें कि राहुल गांधी की सभा में भीड़ जुटाने के लिए कांग्रेस सराय से मजदूरों को लेकर पहुंची थी। सूत्रों का कहना है कि एक मजदूर को कांग्रेस का झंडा उठाने और दो घंटे तक सभा में मौजूद रहने के लिए 300-300 रुपए देने का वादा किया गया था।

 

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ऐसे में एक दिन की कमाई के लिए करीब 40 से 50 मजदूर सभा में शामिल होने के लिए दशहरा मैदान में पहुंचे। लेकिन राहुल की सभा खत्म होने के बाद जो नेता उन्हें लेकर गया था, उसने एक मजदूर को बुलाकर 3000 रूपए थमा दिए और बोला अभी जाओ यहां से बाद में आपस में बांट लेना।

 

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इसके बाद राहुल की रैली में शामिल होने की इस मजदूरी के लिए टॉवर चौक पर मजदूरों के बीच झगड़ा हो गया। सूत्रों का कहना है कि 40 मजदूरों के लिए कांग्रेस नेता ने महज 3000 रुपए ही दिए, जबकि प्रत्येक को 300 रुपए देने का वादा किया गया था। कांग्रेस की सभा में शामिल होने वाले मजदूर दिनेश और शाहिद ने बताया कि सुबह 10 बजे जैन साहब उन्हें राहुल गांधी की रैली में झंठा उठाने के लिए लेकर गए थे।

 

मजदूरों को सभा में लेकर गए थे कांग्रेस के जैन साहब

मजदूरों के मुताबिक, जैन साहब ने बोला था जितने हो, सभी चलो, सभी को 300-300 रुपए मजदूरी दे दी जाएगी। मजदूर दिनेश ने बताया सराय से 40-50 मजदूर शहीद पार्क से लेकर दशहरा मैदान तक रैली में गए और यहां दो-तीन घंटे तक खड़े रहे। इसके बाद जैन साहब ने एक मजदूर को बुलाकर 3000 रुपए थमा दिए और आपस में बांटने को कह दिया।

 

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उसने बताया कि जिसे जैन साहब ने पैसे दिए, वो भागने की फिराक में था। इसीलिए उससे पैसे छीनने के लिए कुछ मजदूरों ने मारपीट की। दिनेश ने बताया कि किसी को भी 300 रुपए मजदूरी नहीं मिल पाई। वहीं, मजदूरों को सड़क पर झगड़ा करते देख लोगों ने पुलिस को इसकी सूचना दे दी। ऐसे में पुलिस को देख सभी मजदूर तितर-बितर होकर भाग खड़े हुए।

 

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