गठबंधन से पहले मायावती ने कांग्रेस को सिखाया अनुशासन का पाठ

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बसपा सुप्रीमो मायावती ने अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं व नेताओं को अनुशासन का पाठ पढ़ाने के बाद कांग्रेस नेताओं को भी गलत बयानबाजी से बचने की सलाह दी है। मंगलवार को आयोजित प्रेस कॉफ्रेंस में गठबंधन की संभावनाओं पर बात करते हुए बसपा सुप्रीमो ने कहा कि सम्मानजनक हिस्सेदारी मिलने पर ही वह गठबंधन पर विचार करेंगी।

 

गठबंधन धर्म का पालन करने की नसीहत देते हुए बसपा सुप्रीमो ने कांग्रेस आलाकमान से राजस्थान, छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश में नेताओं द्वारा बसपा के खिलाफ की जा रही बयानबाजी पर लगाम लगाने को कहा। बसपा के दो वरिष्ठ नेताओं को गलत बयानबाजी पर पार्टी से बाहर का रास्ता देखने की घटना का उल्लेख करते हुए मायावती ने कहा कि यह नियम अन्य दलों पर भी लागू होता है। इन तीनों राज्यों में विधानसभा चुनाव को लेकर सरगर्मी तेज हो गई है। मायावती ने कहा कि बसपा इस साल होने वाले इन तीनों राज्यों के विधानसभा चुनाव में अपने दम पर उतरने को तैयार है।

 

वहीं, राजस्थान के अलवर में हुई मॉब लिंचिंग की घटना पर बसपा सुप्रीमो ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि देश भर में बढ़ती इस तरह की घटनाओं के लिए बीजेपी और उसके कार्यकर्ता जिम्मेदार हैं। मायावती ने इस मामले में कोर्ट से हस्तक्षेप करने की मांग करते हुए इस तरह की घटनाओं की कड़ी निंदा की।

 

मायावती पहले भी सम्मानजनक सीटों के साथ ही गठबंधन में शामिल होने की बात कह चुकी हैं। माना जा रहा है कि साल के अंत तक इन तीन राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों के बाद गठबंधन की स्थिति पूरी तरह साफ हो जाएगी। वर्तमान में राजस्थान, मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में बीजेपी की सरकार है।

 

ऐसे में किसी एक पार्टी द्वारा इन तीनों राज्यों में कांग्रेस का अकेले बीजेपी से मुकाबला कर पाना आसान नहीं होगा। सपा, बसपा और अन्य क्षेत्रीय दलों के अलग-अलग चुनाव लड़ने का फायदा बीजेपी को होगा। इसे देखते हुए कांग्रेस भी सभी के सहयोग से ही आगे बढ़ने की रणनीति बना रही है।

 

 

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