UP: धर्मनगरी हरिद्वार में एक बार फिर शिक्षा से जुड़े मुद्दे पर हलचल तेज हो गई है। University Grants Commission (UGC) के प्रस्तावित नए नियमों के विरोध में संत समाज सड़कों पर उतर आया। स्वामी सर्वानंद घाट से निकली पदयात्रा में बड़ी संख्या में साधु-संत और उनके अनुयायी शामिल हुए। यात्रा में यति नरसिंहानन्द, अधीर कौशिक और यति रामस्वरूप आनंद गिरी जैसे प्रमुख धार्मिक चेहरे भी मौजूद रहे। प्रदर्शनकारियों ने बैनर और पोस्टर के माध्यम से अपनी आपत्ति दर्ज कराई।
‘काला कानून’ बताते हुए वापसी की मांग
संत समाज ने यूजीसी के प्रस्तावित कानून को “काला कानून” करार देते हुए केंद्र सरकार से इसे तत्काल निरस्त करने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान नारेबाजी करते हुए कहा गया कि शिक्षा और परंपराओं से जुड़े मामलों में धार्मिक समाज की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। वक्ताओं का कहना था कि यह कानून सामाजिक संतुलन और पारंपरिक ढांचे को प्रभावित कर सकता है।
8 मार्च को दिल्ली में शक्ति प्रदर्शन का ऐलान
पदयात्रा में शामिल संतों ने घोषणा की कि यह आंदोलन 8 मार्च को दिल्ली पहुंचेगा, जहां Ramleela Maidan में दोपहर 12 बजे विशाल शक्ति प्रदर्शन किया जाएगा। आयोजकों ने अधिक से अधिक लोगों से राजधानी पहुंचकर समर्थन देने की अपील की है। पंडित अधीर कौशिक ने आरोप लगाया कि प्रस्तावित प्रावधान विशेष समुदाय के विद्यार्थियों के भविष्य के लिए हानिकारक साबित हो सकते हैं। संत समाज ने चेतावनी दी है कि यदि मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
सुप्रीम कोर्ट ने नए नियमों पर लगाई अंतरिम रोक
बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार, यूजीसी ने 13 जनवरी 2026 को कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में भेदभाव रोकने के उद्देश्य से नए विनियम जारी किए थे। हालांकि, Supreme Court of India ने इन नियमों पर अंतरिम रोक लगा दी है। शीर्ष अदालत ने टिप्पणी की कि ये प्रावधान गंभीर और दूरगामी प्रभाव डाल सकते हैं तथा समाज में विभाजन की आशंका भी पैदा कर सकते हैं। मामले की अगली सुनवाई तक नियमों के अमल पर रोक बनी रहेगी।
( देश और दुनिया की खबरों के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, आप हमें ट्विटर पर भी फॉलो कर सकते हैं)











































