केंद्र सरकार ने गुरुवार को कहा कि पश्चिम एशिया में संकट के बीच भारत की ईरान से तीन बार बातचीत हुई है। हालांकि बातचीत को लेकर क्या नतीजा निकला, इसके बारे में कोई ठोस जानकारी साझा नहीं की गई। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि विदेश मंत्री एस जयशंकर की ईरान के विदेश मंत्री के बीच हाल के दिनों में तीन बार बातचीत हुई है। पिछली बातचीत में जहाजों की सुरक्षा, भारती ऊर्जा सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई थी। उन्होंने कहा कि इसके अलावा उनके लिए अभी कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी।
भारतीय नागरिकों से एडवाजरी का पालन करने की अपील
रणधीर जायसवाल ने कहा, “कई भारतीय नागरिकों ने हमसे संपर्क किया है और हमने उन्हें अज़रबैजान और आर्मेनिया में घुसने और वहां से कमर्शियल फ्लाइट्स लेकर घर वापस आने में मदद की है। मैं इस मौके पर उन सभी भारतीय नागरिकों को सलाह देना चाहूंगा जो सीमा के रास्ते ईरान छोड़ना चाहते हैं। उन्हें हमारी एम्बेसी द्वारा जारी की गई एडवाइजरी का पालन करना चाहिए।”
पीएम मोदी का कूटनीति और बातचीत पर जोर
MEA के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, “प्रधानमंत्री ने संघर्ष शुरू होने के बाद खाड़ी के कई नेताओं से बात की है। इन बातचीत में, उन्होंने कूटनीति और डिप्लोमेसी की ज़रूरत पर ज़ोर दिया ताकि जल्दी शांति लौट सके। उन्होंने आम लोगों की मौत से बचने की ज़रूरत पर भी ज़ोर दिया और उन्होंने आम लोगों की सुरक्षा पर ध्यान दिया। ”
INPUT-ANANYA MISHRA
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