गोरखपुर। विकासखंड उरुवा के खंड शिक्षा अधिकारी पर लगाए गए भ्रष्टाचार और मनमानेपन के आरोपों को तथाकथित शिक्षक संगठन द्वारा बिना किसी साक्ष्य के लगाया गया बताया गया है। ब्लॉक अध्यक्ष अरविंद चंद ने इन आरोपों को पूर्णतः निराधार, भ्रामक और दुर्भावनापूर्ण करार दिया।
शिक्षकों का खंड शिक्षा अधिकारी को खुला समर्थन
विकासखंड उरुवा के शिक्षकों ने स्पष्ट किया कि खंड शिक्षा अधिकारी शासन की मंशा के अनुरूप पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण शैक्षिक वातावरण बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं। विभागीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, छात्र नामांकन वृद्धि, निपुण भारत मिशन, नियमित निरीक्षण और विद्यालयों में शैक्षणिक गुणवत्ता सुधार में उनके प्रयास सराहनीय हैं।
शिक्षकों ने कहा कि कुछ व्यक्तिगत स्वार्थी तत्व विभागीय अनुशासन को प्रभावित करने के उद्देश्य से बेबुनियाद आरोप लगा रहे हैं। समस्त शिक्षक समुदाय ऐसे प्रयासों का विरोध करता है।
“गिरे हुए शिक्षक दूसरों की बुराई करें तो अशोभनीय”
बीआरसी उरुवा में आयोजित शिक्षक समूह की बैठक में ब्लॉक अध्यक्ष अरविंद कुमार चंद ने कहा कि कुछ लोग स्वयं गिरे हुए स्तर पर पहुंचकर खंड शिक्षा अधिकारी पर अशोभनीय टिप्पणियां कर रहे हैं।
श्री चंद ने कहा, “खंड शिक्षा अधिकारी विद्यालयों में पठन-पाठन की गुणवत्ता, साफ-सफाई, छात्र नामांकन, उपस्थिति और अभिभावकों के साथ बैठकें नियमित रूप से कर निगरानी रखते हैं। यही कुछ शिक्षकों को नागवार गुजर रहा है, जिसके कारण उन्होंने अपरिपक्व भाषा का प्रयोग किया है, जो निंदनीय है।”
समर्थन में मौजूद रहे शिक्षक नेता
बैठक में ब्लॉक संसाधन केंद्र पर ब्लॉक शिक्षक संघ के अध्यक्ष अरविंद चंद, दिनेश गुप्ता, अवनीश चंद, सर्वेश पाठक सहित समस्त प्रधानाध्यापक और इंचार्ज प्रधानाध्यापक उपस्थित रहे।
शिक्षकों ने अपील की है कि बिना किसी तथ्यात्मक आधार के किसी भी अधिकारी के खिलाफ भ्रामक जानकारी प्रसारित न की जाए और शिक्षा व्यवस्था को कमजोर करने वाले कृत्यों से बचा जाए।
यह घटना उरुवा ब्लॉक में शिक्षा विभाग के सुधार कार्यों और कुछ तत्वों के बीच बढ़ते तनाव को उजागर करती है।











































