अमेठी: निर्माण कार्य से जुड़े श्रमिकों और नियोक्ताओं को एक ही मंच पर जोड़ने के उद्देश्य से श्रम विभाग ने जिले में ‘डिजिटल लेबर चौक’ की शुरुआत की है। इस नई व्यवस्था के लागू होने के बाद अब मजदूरों की तलाश के लिए पारंपरिक लेबर चौक पर जाने की जरूरत नहीं होगी। राजमिस्त्री, प्लंबर, बढ़ई, पेंटर, इलेक्ट्रिशियन समेत अन्य कुशल श्रमिक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध रहेंगे, जहां से नियोक्ता सीधे उनसे संपर्क कर सकेंगे।
घर बैठे मिलेगा जरूरत के अनुसार श्रमिक
श्रम विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, जिले में पहले 15 से अधिक स्थानों पर पारंपरिक लेबर चौक संचालित होते थे, जहां नियोक्ता अपनी आवश्यकता के अनुसार श्रमिकों का चयन करते थे। अब इस पूरी प्रक्रिया को डिजिटल माध्यम से जोड़ दिया गया है। इससे श्रमिकों की जानकारी ऑनलाइन उपलब्ध रहेगी और काम देने वाले लोग अपनी जरूरत के अनुसार उन्हें घर बैठे खोज सकेंगे।
सिर्फ 20 रुपये में होगा वार्षिक पंजीकरण
डिजिटल लेबर चौक योजना से जुड़ने के लिए श्रमिकों को मात्र 20 रुपये का वार्षिक पंजीकरण शुल्क देना होगा। पंजीकरण के बाद उनका विवरण पोर्टल पर दर्ज होगा, जिससे उन्हें रोजगार के अधिक अवसर मिल सकेंगे। विभाग का कहना है कि डिजिटल रिकॉर्ड तैयार होने से श्रमिकों तक रोजगार संबंधी सूचनाएं भी तेजी से पहुंचेंगी।
बिचौलियों पर लगेगी रोक, मिलेगा उचित पारिश्रमिक
सहायक श्रमायुक्त छत्रसाल बरनवाल ने बताया कि इस पहल का सबसे बड़ा लाभ यह होगा कि श्रमिकों और नियोक्ताओं के बीच बिचौलियों की भूमिका समाप्त होगी। इससे श्रमिकों का आर्थिक शोषण कम होगा और उन्हें उनकी मेहनत के अनुरूप पारिश्रमिक मिलने की संभावना बढ़ेगी। वहीं, नियोक्ताओं का समय और अतिरिक्त खर्च भी बचेगा।
पंजीकरण अभियान जारी, विभाग ने की अपील
श्रम विभाग का मानना है कि डिजिटल लेबर चौक से निर्माण कार्यों में पारदर्शिता आएगी और सरकारी योजनाओं का लाभ भी श्रमिकों तक आसानी से पहुंचेगा। फिलहाल जिले में व्यापक पंजीकरण अभियान चलाया जा रहा है। विभाग ने इच्छुक श्रमिकों से अपील की है कि वे नजदीकी श्रम कार्यालय या ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से जल्द से जल्द अपना पंजीकरण कराकर इस नई व्यवस्था का लाभ उठाएं।
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