UP: 7 साल पुराने आर्म्स एक्ट मामले में कोर्ट का फैसला, अवैध असलहा रखने पर आरोपी को सजा

इटावा: सात वर्ष पुराने आर्म्स एक्ट के मामले में अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने अहम फैसला सुनाते हुए अवैध असलहा रखने के आरोपी को दोषी करार दिया है। अदालत ने आरोपी को जेल में बिताई गई अवधि की सजा सुनाने के साथ ₹2,000 का जुर्माना भी लगाया है। न्यायालय के इस फैसले को अवैध हथियार रखने वालों के खिलाफ सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है।

अभियोजन के अनुसार, वर्ष 2019 में चकरनगर थाना पुलिस नियमित गश्त पर थी। इसी दौरान पुलिस ने गुहानी, चकरनगर निवासी कमलेश उर्फ ब्रजेन्द्र मल्लाह को संदिग्ध परिस्थितियों में रोककर तलाशी ली। तलाशी के दौरान उसके पास से एक अवैध असलहा बरामद हुआ। पुलिस ने मौके पर ही आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया और उसके विरुद्ध आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया।

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विवेचना पूरी होने के बाद पुलिस ने न्यायालय में आरोप पत्र (चार्जशीट) दाखिल किया। मुकदमे की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने साक्ष्य और गवाह प्रस्तुत किए। सभी तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों का परीक्षण करने के बाद अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने आरोपी को दोषी माना।

अदालत ने आरोपी को जेल में बिताई गई अवधि को ही सजा के रूप में मानते हुए ₹2,000 का अर्थदंड भी लगाया। जुर्माना जमा न करने की स्थिति में नियमानुसार अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जनपद में अवैध हथियार रखने वालों के खिलाफ अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा और कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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