मिर्जापुर: रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में यात्रियों को निशाना बनाने वाले एक शातिर गिरोह का मिर्जापुर जीआरपी ने पर्दाफाश किया है. पुलिस ने हरियाणा के रोहतक निवासी चार आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से चोरी के पांच मोबाइल फोन, ₹4,900 नकद तथा सोने-चांदी के आभूषण बरामद किए हैं. सभी आरोपी कथित तौर पर ‘सांसी गैंग’ से जुड़े बताए जा रहे हैं और इनके खिलाफ उत्तर प्रदेश के कई रेलवे थानों में पहले से मुकदमे दर्ज हैं.
प्रयागराज रेलवे पुलिस उपाधीक्षक अरुण कुमार पाठक के पर्यवेक्षण में जीआरपी मिर्जापुर की टीम प्लेटफॉर्म नंबर-1 पर संदिग्ध व्यक्तियों की जांच कर रही थी. इसी दौरान मुखबिर की सूचना पर ट्रेन संख्या 13202 राजगीर जनता एक्सप्रेस के बी-2 कोच में चार संदिग्धों को हिरासत में लिया गया. पूछताछ और तलाशी के दौरान उनके पास से चोरी का सामान बरामद हुआ.
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गिरफ्तार आरोपियों की पहचान हरियाणा के रोहतक जिले के रहने वाले सुरेंद्र राजपूत, जानी, मुकेश कुमार और सुरेंद्र के रूप में हुई है. पुलिस के अनुसार इनके कब्जे से विभिन्न कंपनियों के पांच मोबाइल फोन, ₹4,900 नकद, दो अंगूठियां और तीन पायल बरामद की गई हैं.
जीआरपी के मुताबिक यह गिरोह ट्रेनों में यात्रियों से घुल-मिलकर मदद करने का भरोसा जीतता था और मौका मिलते ही सूटकेस, ट्रॉली बैग व अन्य सामान लेकर फरार हो जाता था. पूछताछ में सामने आया कि गैंग के सदस्य बेहद सुनियोजित तरीके से वारदात को अंजाम देते थे. इनमें एक सदस्य बैग खोलने में विशेषज्ञ होता था, जबकि अन्य सदस्य चोरी किए गए सामान को एक-दूसरे तक पहुंचाकर पुलिस की नजर से बच निकलते थे.
पुलिस के अनुसार आरोपियों के खिलाफ मिर्जापुर, प्रयागराज, वाराणसी, मानिकपुर, चारबाग लखनऊ और फतेहपुर समेत कई रेलवे थानों में चोरी और अन्य अपराधों के मुकदमे दर्ज हैं. जीआरपी का कहना है कि लंबे समय से इस गिरोह की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही थी और अब मिली सफलता से ट्रेनों में होने वाली चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी.

















































