इटावा: उत्तर प्रदेश शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड में पंजीकृत घटिया अज़मत अली इमामबाड़ा पब्लिक शिया वक्फ को लेकर एक बार फिर विवाद सामने आया है। शिकायतकर्ता शोजब रिजवी ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच कराए जाने और जांच पूरी होने तक किसी भी पक्ष को इमामबाड़े पर निजी एकाधिकार के तहत धार्मिक आयोजन की अनुमति न दिए जाने की मांग की है।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि इमामबाड़े पर काशिफ हुसैन और उसके परिवार ने निजी नियंत्रण स्थापित कर लिया है तथा अन्य लोगों को योजनाबद्ध तरीके से मजलिस आयोजित करने से रोका जा रहा है। उनका कहना है कि संबंधित पक्ष अपनी इच्छा के अनुसार कुछ लोगों को मजलिस की अनुमति देता है, जबकि अन्य लोगों को इमामबाड़े का उपयोग नहीं करने दिया जाता।
शोजब रिजवी के अनुसार, रविवार को महिलाओं की एक निर्धारित मजलिस आयोजित होनी थी, लेकिन इमामबाड़े की चाबी उपलब्ध नहीं कराई गई। इसके चलते महिलाओं को मजबूरन बाहर फर्श बिछाकर धार्मिक कार्यक्रम संपन्न करना पड़ा। उन्होंने आरोप लगाया कि करीब दो माह पहले भी इसी प्रकार चाबी देने से इंकार किया गया था और इस बार चाबी लेने गए व्यक्ति को भी वापस लौटा दिया गया।
शिकायतकर्ता ने दावा किया कि घटना के प्रत्यक्षदर्शी मौजूद हैं तथा उनके पास फोटो और वीडियो साक्ष्य भी हैं। उनका कहना है कि काशिफ हुसैन व उनका परिवार पूरे इमामबाड़े में अपनी मर्जी से धार्मिक आयोजन कर रहा है, जबकि संबंधित व्यक्ति वक्फ बोर्ड के अभिलेखों के अनुसार न तो मुतवल्ली है और न ही किसी अधिकृत मुतवल्ली का प्रतिनिधि।
शिकायत में कहा गया है कि पब्लिक वक्फ संपत्ति का उपयोग उसके सार्वजनिक उद्देश्य के अनुरूप होना चाहिए और किसी भी व्यक्ति को उस पर निजी एकाधिकार स्थापित कर अन्य लोगों को धार्मिक गतिविधियों से वंचित करने का अधिकार नहीं है। मामले में सिटी मजिस्ट्रेट से निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कार्रवाई की मांग की गई है।



















































