‘तारक मेहता का उल्टा चश्मा” की टीम ने अपने सबसे चहेते कलाकार कवि कुमार आजाद (डॉक्टर हाथी) को खो दिया. उनके अचानक निधन से पूरी टीवी इंडस्ट्री सदमे में है. डॉक्टर हाथी काफी खुशमिजाज शख्सियत थे. शो में पुलिसवाले के रोल में दिखने वाले चारू पांडे यानि दयाशंकर पांडे का कहना है कि उनसे बढ़कर खुशमिजाज व्यक्ति सेट पर कोई नहीं था. दयाशंकर ने एक इंटरव्यू में खुलासा किया कि क्यों कवि कुमार ने शादी नहीं की थी.
उनके मुताबिक, ”कवि कुमार आजाद अपने परिवार की काफी परवाह करते थे. उन्हें लेकर वे चिंतित रहते थे. इसलिए उन्होंने शादी ना करने का फैसला किया. कवि कुमार अपने माता-पिता और भाई-भाभी के काफी करीब थे. वे उनके लिए ही जीते थे. इसलिए उन्होंने फैसला किया कि वे कभी शादी नहीं करेंगे. ”
तारक मेहता का उल्टा चश्मा में डॉक्टर हाथी सभी के पसंदीदा करेक्टर थे. बच्चों को उनके रोल से काफी लगाव था. खबर है कि कवि कुमार आजाद के चले जाने के बाद भी डॉक्टर हाथी के रोल को खत्म नहीं किया जाएगा. शो के प्रोड्यूसर असित मोदी का कहना है कि हमें कवि कुमार आजाद के जाने का बहुत दुख है लेकिन किरदार को आगे शो में खत्म नहीं किया जाएगा. हम शो में इस किरदार के लिए दूसरा रिप्लेसमेंट तलाश रहे हैं.
हाल ही में पता चला कि डॉ. हाथी कभी अपने बढ़े हुए वजन से इतने परेशान थे कि वे चल भी नहीं सकते थे. डॉ. हाथी की 8 साल पहले बैरिएट्रिक सर्जरी करने वाले डॉ. मुफी लाकडवाला ने बताया कि उस समय कवि कुमार का वजन 265 किलो था. उन्हें 10 दिन तक वेंटीलेटर पर रखना पड़ा, उन्हें इससे नहीं हटाया जा सकता था, क्योंकि वे इसके बिना सांस नहीं ले सकते थे. बैरिएट्रिक सर्जरी के बाद उनका वजन 140 किलो तक कम हो गया था. इसके बाद उन्हें दूसरी बैरिएट्रिक सर्जरी की सलाह दी गई, लेकिन वे इसके लिए राजी नहीं हुए. इससे उनका वजन 90 किलो तक कम हो सकता था. कवि कुमार को लगा कि वे फिर बेरोजगार हो जाएंगे.
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