मथुरा में 500 सफाईकर्मियों की भर्ती पर घमासान, नगर आयुक्त की गाड़ी घेरने के विरोध में कर्मचारियों का प्रदर्शन

मथुरा: नगर निगम में 500 सफाईकर्मियों की भर्ती का मामला लगातार गरमा रहा है। लेबर यूनियन द्वारा नगर आयुक्त ओजस्वी राज के साथ की गई अभद्रता और गाड़ी के घेराव की घटना के बाद आज नगर निगम परिसर में राज्य स्वायत्त शासन कर्मचारी परिषद उत्तर प्रदेश के पदाधिकारी और कर्मचारी एकजुट होकर प्रदर्शन करने पहुंचे। परिषद ने नगर आयुक्त के समर्थन में नारेबाजी करते हुए लेबर यूनियन की कार्यशैली की कड़ी निंदा की।

परिषद के अध्यक्ष हरीश यादव और कोषाध्यक्ष अरुण खंडेलवाल ने संयुक्त रूप से जानकारी देते हुए बताया कि नगर निगम में लेबर यूनियन के तहत 500 सफाईकर्मियों की भर्ती प्रक्रिया चल रही है, जिनकी ट्रेनिंग भी पूरी कराई जा चुकी है। इसी बीच भर्ती में पात्रता और पारदर्शिता को लेकर कुछ शिकायतें नगर आयुक्त के पास पहुंची थीं।

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शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए नगर आयुक्त ओजस्वी राज ने भर्ती प्रक्रिया को तत्काल रोकते हुए एक पांच सदस्यीय जांच कमेटी का गठन कर दिया। इस कमेटी की अध्यक्षता अपर नगर आयुक्त अनिल कुमार को सौंपी गई है, जबकि एमएनएलपी रामकृष्ण पांडेय, अपर नगर आयुक्त सुनीता सिंह के साथ-साथ लेबर यूनियन के दो प्रतिनिधियों अजय चौधरी और प्रीतम सिंह को भी कमेटी में शामिल किया गया है, ताकि जांच पूरी तरह पारदर्शी रहे।

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परिषद के पदाधिकारियों का आरोप है कि निष्पक्ष जांच के इस फैसले से बौखलाए लेबर यूनियन के नेता अजय चौधरी और प्रीतम सिंह ही पूरे धरना-प्रदर्शन को हवा दे रहे हैं। परिषद ने कहा कि लेबर यूनियन के नेता जरूरतमंद और वास्तविक पात्र लोगों को दरकिनार कर अपने चहेतों को निगम में घुसाने का प्रयास कर रहे हैं, जबकि नगर आयुक्त ओजस्वी राज चाहते हैं कि जो वास्तव में पात्र और जरूरतमंद हैं, उन्हीं को प्राथमिकता के आधार पर नियुक्ति मिले। इसी दबाव की राजनीति के चलते कल 25 सितंबर को लेबर यूनियन के कार्यकर्ताओं ने नगर आयुक्त की सरकारी गाड़ी को घेर लिया।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कार्यकर्ता गाड़ी के सामने जमीन पर बैठ गए और लेट गए, नगर आयुक्त को गाड़ी में बैठने नहीं दिया गया और उनके साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया इस घटना के बाद निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों में भारी रोष है।कर्मचारी परिषद ने स्पष्ट कहा है कि यदि अधिकारी के साथ इस तरह का व्यवहार होगा तो कर्मचारी कैसे सुरक्षित रहेंगे।

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