गाजीपुर: वर्षों से आउटसोर्स के माध्यम से विद्युत विभाग में काम कर रहे मीटर रीडरों ने कम मानदेय और नौकरी से हटाए जाने की कथित धमकी को लेकर आवाज उठाई है। बुधवार को मीटर रीडरों ने कासिमाबाद क्षेत्र में सुभासपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष व कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर से मुलाकात कर अपनी समस्याएं बताईं और मांगों से संबंधित पत्रक सौंपा।
मीटर रीडरों के मुताबिक जिले में करीब 300 कर्मचारी घर-घर जाकर मीटर रीडिंग, बिलिंग समेत अन्य कार्य कर रहे हैं। यह काम टीडीएस कंपनी के माध्यम से कराया जा रहा है। उनका कहना है कि प्रोब, ओसीआर और बिलिंग टारगेट जैसी जिम्मेदारियां पूरी करने के बावजूद उन्हें अपेक्षाकृत कम भुगतान किया जा रहा है। कई रीडरों ने करीब दो से तीन हजार रुपये प्रतिमाह भुगतान मिलने का दावा किया।
रीडरों का आरोप है कि न्यूनतम मजदूरी और उचित मानदेय की मांग करने पर उन्हें काम से हटाने की धमकी दी जाती है। इससे उनके सामने परिवार के भरण-पोषण का संकट खड़ा हो गया है। मीटर रीडरों ने सरकार से वर्षों से कार्यरत कर्मचारियों को आउटसोर्स निगम में शामिल करने और न्यूनतम मजदूरी के अनुसार मानदेय देने की मांग की।
उनका कहना है कि इससे रोजगार की सुरक्षा के साथ परिवार के भविष्य को लेकर भी स्थायित्व मिलेगा। मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने मीटर रीडरों की समस्याएं सुनीं और उनकी मांगों को संबंधित विभागीय मंत्री तथा मुख्यमंत्री के समक्ष रखने का आश्वासन दिया। उन्होंने मामले में कुछ समय मांगा और समाधान की दिशा में प्रयास करने की बात कही। अब मीटर रीडरों की निगाह सरकार और विभागीय स्तर पर होने वाली कार्रवाई पर रहेगी।














