‘टांय-टांय फिस्स …’, अखिलेश यादव के ‘403’ वाले दांव पर सियासी घमासान, राजभर का तंज

उत्तर प्रदेश में राज्यसभा चुनाव के लिए समाजवादी पार्टी की ओर से तीसरा उम्मीदवार नहीं उतारे जाने की चर्चा के बीच सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के फैसले पर सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (SBSP) प्रमुख ओम प्रकाश राजभर ने तंज कसा है। वहीं, राष्ट्रीय लोकदल (RLD) ने भी अपने 9 विधायकों की संख्या का हवाला देते हुए सपा पर निशाना साधा है।

राजभर का अखिलेश पर तंज

ओम प्रकाश राजभर ने अखिलेश यादव को लेकर कहा, ‘अखिलेश जी, बस हो गया टांय-टांय फिस्स!’ उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अखिलेश यादव कभी-कभी समझदारी वाला फैसला भी लेते हैं और इस बार उन्होंने ऐसा ही किया है। राजभर ने अखिलेश के 403 विधानसभा सीटों के लक्ष्य पर भी कटाक्ष करते हुए कहा कि सपने देखना कोई बुरी बात नहीं है, लेकिन इस लक्ष्य को उन्होंने सपा के लिए महज एक सपना करार दिया।

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RLD ने याद दिलाई 9 विधायकों की ताकत

राज्यसभा चुनाव को लेकर जयंत चौधरी की अगुवाई वाली राष्ट्रीय लोकदल ने भी समाजवादी पार्टी पर निशाना साधा। RLD ने कहा कि उत्तर प्रदेश विधानसभा में उसके 9 विधायक हैं और पार्टी के समर्थन के बिना सपा राज्यसभा में अपना एक और उम्मीदवार भेजने की स्थिति में नहीं पहुंच सकी। RLD ने दावा किया कि अब सपा कार्यकर्ताओं को भी यह समझ आ गया होगा कि पार्टी चौधरी चरण सिंह की विचारधारा पर चलती है।

सिर्फ संख्या नहीं, सहयोगियों की ताकत भी अहम

RLD ने अपने बयान में कहा कि राजनीति में केवल विधायकों की गिनती ही निर्णायक नहीं होती, बल्कि मुश्किल वक्त में साथ खड़े रहने वाले सहयोगियों की भूमिका भी महत्वपूर्ण होती है। पार्टी ने अपनी राजनीति को विचारधारा और सिद्धांतों से जोड़ते हुए कहा कि ऐसी राजनीतिक ताकत सिर्फ आंकड़ों पर निर्भर नहीं रहती। बयान के अंत में RLD ने लिखा, “जय जयंत, जय रालोद।

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अखिलेश की पोस्ट से बढ़ा सस्पेंस

दरअसल, मंगलवार सुबह अखिलेश यादव ने X पर पोस्ट करते हुए लिखा था, “अब हमारी निगाह तीन पर नहीं, चार सौ तीन पर है। उनके इस बयान को राज्यसभा चुनाव में सपा के तीसरे उम्मीदवार की संभावित दावेदारी से जोड़कर देखा गया। माना जा रहा है कि पार्टी अब राज्यसभा की तीसरी सीट के बजाय आगामी विधानसभा चुनाव पर अपना ध्यान केंद्रित कर रही है। रामगोपाल यादव की ओर से दोपहर 2 बजे तक इंतजार करने की बात कही गई थी, लेकिन निर्धारित समय बीतने के बाद भी तीसरे उम्मीदवार का ऐलान नहीं हुआ। ऐसे में सपा के तीसरा प्रत्याशी नहीं उतारने की अटकलें और मजबूत हो गई हैं।

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