जम्मू-कश्मीर: कठुआ में आतंकी मुठभेड़, जैश-ए-मोहम्मद का पाकिस्तानी आतंकवादी ढेर

जम्मू-कश्मीर (Jammu Kashmir) के कठुआ जिले के बिलावर इलाके में शुक्रवार सुबह जैश-ए-मोहम्मद (Jaish-e-Mohammed) के एक आतंकी को सुरक्षाबलों ने मार गिराया। यह एनकाउंटर उस सर्च ऑपरेशन का हिस्सा था जो किश्तवाड़ में हाल ही में हुए हमले के बाद शुरू किया गया था। पुलिस और सेना की संयुक्त टीम को खुफिया सूचना मिली थी कि कुछ संदिग्ध आतंकी बिलावर के जंगली इलाके में छिपे हुए हैं। सुबह करीब 5 बजे जब फोर्सेस ने इलाके की घेराबंदी की तो आतंकी ने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में आतंकी ढेर हो गया। मारे गए आतंकी की पहचान जैश-ए-मोहम्मद के स्थानीय ओवरग्राउंड वर्कर या लॉजिस्टिक सपोर्ट देने वाले व्यक्ति के रूप में की जा रही है। उसके पास से एक AK-47 राइफल, दो मैगजीन, ग्रेनेड और कुछ दस्तावेज बरामद हुए हैं।

किश्तवाड़ हमले से जुड़ाव

यह एनकाउंटर किश्तवाड़ जिले में 19 जनवरी को हुए उस हमले से सीधे जुड़ा हुआ माना जा रहा है, जिसमें सीआरपीएफ का एक जवान शहीद हो गया था और दो अन्य घायल हुए थे। उस हमले में जैश-ए-मोहम्मद ने जिम्मेदारी ली थी। हमले के बाद से जम्मू-कश्मीर पुलिस, सेना और अन्य सुरक्षा एजेंसियां पूरे क्षेत्र में बड़े पैमाने पर सर्च ऑपरेशन चला रही हैं। कठुआ के बिलावर इलाके में मिला यह आतंकी संभवतः उसी मॉड्यूल का हिस्सा था जो किश्तवाड़ हमले में शामिल था। पुलिस का कहना है कि मारे गए आतंकी के पास से बरामद दस्तावेजों से आगे के कनेक्शन और अन्य साथियों की जानकारी मिल सकती है।

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सुरक्षा बलों की कार्रवाई और मौजूदा स्थिति

एनकाउंटर के बाद बिलावर के जंगली और पहाड़ी इलाके में सर्च ऑपरेशन अभी भी जारी है। ड्रोन और हेलीकॉप्टर की मदद से इलाके की निगरानी की जा रही है ताकि कोई अन्य आतंकी छिपा न रहे। कठुआ और किश्तवाड़ के बॉर्डर इलाकों में अतिरिक्त बल तैनात कर दिए गए हैं। जम्मू-कश्मीर पुलिस के आईजीपी ने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति जारी रहेगी और शहीद जवानों का बदला पूरा किया जाएगा। इस एनकाउंटर से सुरक्षा बलों का मनोबल बढ़ा है और स्थानीय लोगों में भी राहत की भावना है।

आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद की सक्रियता

जैश-ए-मोहम्मद हाल के महीनों में जम्मू क्षेत्र में फिर से सक्रिय होने की कोशिश कर रहा है। किश्तवाड़ हमले से पहले भी कठुआ और सांबा सेक्टर में कई संदिग्ध गतिविधियां दर्ज की गई थीं। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि पाकिस्तान से निर्देशित यह संगठन जम्मू-कश्मीर में घुसपैठ और लोकल सपोर्ट नेटवर्क के जरिए हमले कर रहा है। इस एनकाउंटर को जैश के जम्मू मॉड्यूल को कमजोर करने वाली बड़ी सफलता माना जा रहा है।

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प्रतिक्रियाएं और आगे की संभावनाएं

शहीद जवान के परिवार और पूरे जम्मू-कश्मीर में इस सफलता पर राहत की सांस ली जा रही है। राजनीतिक दलों और स्थानीय नेताओं ने सुरक्षाबलों की बहादुरी की सराहना की है। हालांकि सर्च ऑपरेशन जारी होने से इलाके में तनाव बना हुआ है। पुलिस ने लोगों से शांति बनाए रखने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत देने की अपील की है। यदि अगले कुछ घंटों में कोई और आतंकी या हथियार बरामद होता है तो यह ऑपरेशन और बड़ा हो सकता है। फिलहाल कठुआ-किश्तवाड़ बॉर्डर पर सतर्कता बढ़ा दी गई है।

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