आम, पपीता व मशरूम पर शून्य टैरिफ: चावल, गेहूं, पोल्ट्री व डेयरी डील में शामिल नहीं; सब्जियों पर क्या बदल गया?

भारत और अमेरिका के बीच हाल ही में (फरवरी 2026) हुए अंतरिम व्यापार समझौते (Interim Trade Agreement) ने भारतीय निर्यातकों के लिए बड़ा मौका खोला है। वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्पष्ट किया कि कई कृषि उत्पादों पर अमेरिका में शून्य टैरिफ (जीरो ड्यूटी) मिलेगा, जिसमें आम, पपीता, केला, अमरूद, अनानास, एवोकाडो, कीवी और मशरूम जैसे फल-सब्जियां शामिल हैं। यह समझौता भारतीय किसानों और निर्यातकों के लिए अमेरिकी बाजार को टैरिफ-फ्री बनाता है। हालांकि, चावल, गेहूं, मक्का, सोयाबीन, पोल्ट्री (मुर्गी पालन), डेयरी (दूध, पनीर), चीनी, तंबाकू और कुछ अन्य संवेदनशील उत्पाद पूरी तरह संरक्षित रखे गए हैं—इन पर कोई रियायत नहीं दी गई। सब्जियों के मामले में चुनिंदा उत्पादों पर फायदा मिला है, लेकिन प्रमुख सब्जियां (जैसे प्याज, आलू, टमाटर, लहसुन) अभी भी सुरक्षित हैं। यह डील किसानों के हितों की रक्षा करते हुए निर्यात बढ़ाने पर फोकस करती है।

शून्य टैरिफ वाली प्रमुख कृषि वस्तुएं (भारत से अमेरिका)

पीयूष गोयल ने लिस्ट जारी की, जिसमें ये उत्पाद अमेरिका में बिना किसी आयात शुल्क के पहुंचेंगे:

  • फल: आम, पपीता, केला, अमरूद, अनानास, एवोकाडो, कीवी।
  • सब्जियां/फंगस: मशरूम (शिटाके सहित), जड़ वाली सब्जियां (जैसे गाजर, शकरकंद)।
  • अन्य: मसाले, चाय, कॉफी, नारियल तेल, काजू, सुपारी, तिल, खसखस, कोको उत्पाद, कुछ बेकरी आइटम, खट्टे फलों के रस।
  • ये उत्पाद अब अमेरिकी बाजार में ज्यादा प्रतिस्पर्धी होंगे, जिससे किसानों की आय बढ़ सकती है और निर्यात में उछाल आएगा। गोयल ने कहा कि इससे MSME, किसान और मछुआरे लाभान्वित होंगे, और 30 ट्रिलियन डॉलर का बाजार खुलेगा।

चावल, गेहूं, पोल्ट्री, डेयरी क्यों शामिल नहीं?

समझौते में भारत ने अपनी रेड लाइन्स (संवेदनशील क्षेत्र) पर कोई समझौता नहीं किया:

  •  अनाज: चावल, गेहूं, मक्का, ज्वार, बाजरा, रागी—पूर्ण सुरक्षा।
  • डेयरी: दूध, पनीर, घी—किसानों और सहकारी मॉडल को संरक्षण।
  •  पोल्ट्री और मांस: मुर्गी पालन, मांस उत्पाद—कोई रियायत नहीं।
  •  अन्य: सोयाबीन, इथेनॉल (ईंधन), तंबाकू, चीनी।

गोयल ने स्पष्ट किया कि GM (जेनेटिकली मॉडिफाइड) उत्पादों पर रोक बनी रहेगी, और किसानों-ग्रामीण अर्थव्यवस्था को कोई नुकसान नहीं होगा। यह डील निर्यात बढ़ाने वाली है, आयात पर नहीं।

सब्जियों पर क्या बदलाव आया?

  • फायदेमंद सब्जियां: मशरूम, जड़ वाली सब्जियां (रूट वेजिटेबल्स जैसे गाजर, बीट), कुछ प्रोसेस्ड/फ्रोजन सब्जियां (जैसे आलू, मटर, खीरा) पर जीरो या कम टैरिफ का फायदा मिलेगा।
  • संरक्षित सब्जियां: प्रमुख सब्जियां जैसे प्याज, लहसुन, आलू (कुछ हिस्सों में), टमाटर, बैंगन, भिंडी आदि पूरी तरह सुरक्षित हैं—कोई टैरिफ कटौती नहीं।
    फ्रोजन/प्रोसेस्ड सब्जियां (जैसे मिश्रित डिब्बाबंद) और कुछ विशेष (जैसे एगरिकस मशरूम) पर फायदा है, लेकिन ताजी प्रमुख सब्जियों पर स्थिति पहले जैसी।
  • यह बदलाव चुनिंदा है—निर्यात बढ़ाने के लिए फल-सब्जी सेक्टर को बूस्ट, लेकिन घरेलू बाजार और किसानों की सुरक्षा बरकरार।

समझौते के बड़े फायदे और प्रभाव

अमेरिका ने भारतीय उत्पादों पर टैरिफ 50% से घटाकर 18% किया (रूस से तेल आयात पर 25% एक्स्ट्रा टैरिफ भी हटा)।
भारत ने अमेरिकी औद्योगिक और कुछ कृषि उत्पादों पर टैरिफ कम/शून्य किया, लेकिन संवेदनशील क्षेत्र सुरक्षित।
लक्ष्य: द्विपक्षीय व्यापार को 500 अरब डॉलर तक ले जाना।
गोयल ने कहा, “आज का दिन स्वर्णिम अक्षरों में लिखा जाएगाकिसानों के हित सुरक्षित, निर्यात बढ़ेगा।